आजमगढ़: मेंहनगर थाना क्षेत्र के ठुठिया गांव में एक परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मंगलवार रात अचानक पड़े दिल के दौरे के बाद पिता और पुत्र दोनों की तबीयत एक साथ बिगड़ गई, जिसमें इलाज के दौरान 85 वर्षीय पिता की मृत्यु हो गई, जबकि बेटे की हालत अब भी चिंताजनक बनी हुई है।
अस्पताल पहुंचते ही बेटे को भी आया अटैक मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार रात 85 वर्षीय संगतराम की छाती में अचानक तीव्र दर्द उठा। उनके पुत्र सुभाष तुरंत उन्हें प्राथमिक उपचार के लिए गोसाईं की बाजार स्थित एक निजी क्लीनिक ले गए। डॉक्टर अभी संगतराम का इलाज कर ही रहे थे कि वहां मौजूद सुभाष की छाती में भी अचानक तेज दर्द शुरू हुआ और उन्हें भी हार्ट अटैक आ गया। एक ही समय पर पिता-पुत्र दोनों को दिल का दौरा पड़ने से मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
जौनपुर में बेटे का इलाज, आजमगढ़ में पिता ने तोड़ा दम परिस्थितियों की गंभीरता को देखते हुए परिजनों ने सुभाष को तत्काल जौनपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। वहीं संगतराम को बेहतर चिकित्सा के लिए आजमगढ़ शहर के अस्पताल ले जाया गया, जहां मंगलवार देर रात उपचार के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली।
बुधवार शाम ठुठिया गांव में संगतराम का अंतिम संस्कार संपन्न हुआ, जिसे उनके अन्य पुत्रों सतीश और गुलाब ने परिजनों व ग्रामीणों की उपस्थिति में पूरा किया। इस घटना से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।
डॉक्टरों की सलाह: गहरे सदमे से टल सके बड़ा खतरा फिलहाल जौनपुर के अस्पताल में भर्ती सुभाष की स्थिति गंभीर बनी हुई है और वे डॉक्टरों की निगरानी में हैं। चिकित्सकों ने परिजनों को कड़े निर्देश दिए हैं कि सुभाष को उनके पिता के गुजर जाने की सूचना बिल्कुल न दी जाए। डॉक्टरों का कहना है कि मानसिक सदमे के कारण दोबारा अटैक आने का भारी जोखिम है, जो उनके जीवन के लिए घातक साबित हो सकता है।
