वाराणसी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र काशी के बुनियादी ढांचे को विश्वस्तरीय रूप देने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है। शहर को दशकों पुरानी ट्रैफिक जाम की समस्या से निजात दिलाने और आंतरिक कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए गंगा और वरुणा नदियों के समानांतर कुल 89.26 किलोमीटर लंबे दो एलिवेटेड कॉरिडोर तैयार किए जाएंगे। हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल (HAM) पर आधारित इस पूरी योजना पर लगभग ₹25,445 करोड़ की लागत आने का अनुमान है।
परियोजना की मुख्य विशेषताएं और लागत
- गंगा एलिवेटेड कॉरिडोर: नेशनल हाईवे-19 (NH-19) को वाराणसी रिंग रोड से जोड़ने वाला यह 6-लेन ग्रीनफील्ड कॉरिडोर लगभग 46.039 किमी लंबा होगा। इसकी स्वीकृत पूंजी लागत ₹14,447.64 करोड़ है, जिसमें सिविल निर्माण के लिए ₹6,037.85 करोड़ और भूमि अधिग्रहण के लिए ₹541.11 करोड़ तय किए गए हैं। इसमें केबल-स्टे ब्रिज, एक्स्ट्राडोज्ड फुट ओवर ब्रिज, लूप्स और सर्विस रोड का निर्माण होगा।
- वरुणा एलिवेटेड कॉरिडोर: वरुणा नदी के समानांतर 43.218 किमी लंबा कॉरिडोर विकसित किया जाएगा, जो 4 और 6 लेन का मिश्रण होगा।
सफर के समय में 67% तक की कटौती
वाराणसी के मंडलायुक्त एस. राजलिंगम के अनुसार, कॉरिडोर को 80 से 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार के अनुकूल डिजाइन किया गया है:
- NH-19 से रिंग रोड के बीच 60 मिनट की यात्रा घटकर मात्र 20 मिनट रह जाएगी।
- वरुणा कॉरिडोर के जरिए NH-19 और काशी रेलवे स्टेशन के बीच 50 मिनट का सफर केवल 25 मिनट में पूरा होगा।
- शहर के अंदरूनी मार्गों पर ट्रैफिक का दबाव लगभग 40% तक कम होने का अनुमान है।
रूट मैप: गंगा और वरुणा कॉरिडोर
| कॉरिडोर | लंबाई | मुख्य रूट और कनेक्टिविटी |
| गंगा कॉरिडोर (6-लेन) | ~46.04 किमी | विश्व सुंदरी पुल (बाएं छोर) सामने घाट पुल रामनगर नमो घाट रिंग रोड गंगा पुल। (अस्सी, मणिकर्णिका, काशी विश्वनाथ धाम व BHU तक आसान पहुंच) |
| वरुणा कॉरिडोर (4/6-लेन) | ~43.22 किमी | हरहुआ-राजातालाब रिंग रोड से शुरू होकर नमो घाट तक। (NH-31 को रिंग रोड से जोड़ेगा) |
40 से अधिक ग्रामीण क्षेत्रों को मिलेगा सीधा लाभ
यह परियोजना वाराणसी सदर और पिंडरा तहसील के 40 से अधिक गांवों से होकर गुजरेगी। इनमें कुडुहना, परशुरामपुर, बड़ागांव, कटेसर, छितौनी, जेतुपुर, मकदूमपुर, महादेवपुर, दुर्गापुर, सरायखांपुर, दहेपुर, अनेनपुर, धनेसी, बरसांडी और भगवानपुर जैसे प्रमुख ग्रामीण क्षेत्र शामिल हैं।
पर्यटन, व्यापार और लॉजिस्टिक्स को नई रफ्तार
- आसान माल ढुलाई: भारी और लॉजिस्टिक्स वाहन शहर के भीतर प्रवेश किए बिना बिहार, मिर्जापुर, चंदौली और गाजीपुर की ओर निकल सकेंगे, जिससे वाहनों की परिचालन लागत में 20 से 30 प्रतिशत की कमी आएगी।
- मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी: ‘पीएम गति शक्ति’ के तहत यह कॉरिडोर रेलवे स्टेशनों, बाबतपुर एयरपोर्ट, रामनगर मल्टीमॉडल टर्मिनल और प्रमुख धार्मिक स्थलों को सीधे जोड़ेगा।
- हेरिटेज फ्रेंडली डिजाइन: गंगा और घाटों के प्राकृतिक स्वरूप को प्रभावित किए बिना केबल ब्रिज और पर्यटकों के लिए विशेष वॉकवे व ‘व्यू गैलरी’ विकसित की जाएंगी।
