वाराणसी। काशी के गंगा घाटों पर एक बार फिर लेजर शो की शुरुआत हो गई है, जिसने पहले ही दिन श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आकर्षित कर लिया। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के घाट पर शुरू हुआ यह शो न सिर्फ अपनी भव्य प्रस्तुति के लिए जाना जाता है, बल्कि इसे देश के सर्वश्रेष्ठ लेजर शो का अवॉर्ड भी मिल चुका है। इस प्रस्तुति में ललिता घाट समेत काशी के गौरवशाली इतिहास, धार्मिक महत्व और सांस्कृतिक विरासत को प्रकाश और ध्वनि के अद्भुत संयोजन के साथ जीवंत रूप में दिखाया जा रहा है।

बाढ़ के कारण लंबे समय से बंद था शो
पिछले वर्ष गंगा नदी के जलस्तर में अचानक वृद्धि होने के कारण लेजर शो की मशीनें पूरी तरह जलमग्न हो गई थीं। बाढ़ के चलते मशीनों में सिल्ट भर गया, जिससे वे पूरी तरह निष्क्रिय हो गईं और शो को बंद करना पड़ा। महीनों तक पानी में डूबी रहने के कारण इन मशीनों को फिर से चालू करना तकनीकी रूप से बेहद चुनौतीपूर्ण था।
विशेषज्ञों की मदद से फिर हुआ संचालन
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास ने इस चुनौती को स्वीकार करते हुए मुंबई से विशेषज्ञ तकनीशियनों की टीम को बुलाया। साथ ही विभिन्न संस्थानों के सहयोग से मशीनों की मरम्मत और पुनर्स्थापन का कार्य कराया गया। कड़ी मेहनत और तकनीकी दक्षता के बाद अब यह लेजर शो फिर से पूरी गुणवत्ता के साथ तैयार हो गया है और दर्शकों के लिए शुरू कर दिया गया है।

गंगा आरती के बाद रोज होगा आयोजन
मंदिर न्यास के अनुसार, यह लेजर शो प्रतिदिन सायंकालीन गंगा आरती के तुरंत बाद आयोजित किया जाएगा। करीब 10 मिनट के इस शो में काशी की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को बेहद आकर्षक तरीके से प्रस्तुत किया जाता है। हाल ही में घाट पर शुरू हुई गंगा आरती पहले ही श्रद्धालुओं के बीच लोकप्रिय हो चुकी है, और अब लेजर शो जुड़ने से यहां का आकर्षण और बढ़ गया है।
श्रद्धालुओं ने बताया अद्भुत अनुभव
लेजर शो के पहले दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक घाट पर पहुंचे और इस अद्भुत नजारे का आनंद लिया। लोगों ने इसकी जमकर सराहना करते हुए इसे बेहद आकर्षक और यादगार अनुभव बताया। श्रद्धालु इस शो को अपने मोबाइल में कैद करते नजर आए।
घाट बना और ज्यादा आकर्षक
मंदिर प्रशासन का मानना है कि लेजर शो और गंगा आरती के संयोजन से काशी का यह घाट अब और अधिक जीवंत और आकर्षक बन गया है। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास का कहना है कि श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव देने के लिए ऐसे नवाचार आगे भी जारी रहेंगे।
