• Banaras Now, Varanasi
  • April 18, 2026

मेरठ। चर्चित ‘नीला ड्रम’ हत्याकांड अब अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच चुका है। सौरभ राजपूत की हत्या के मामले में कोर्ट में सभी 22 गवाहों के बयान दर्ज हो चुके हैं। अब 15 अप्रैल को मुख्य आरोपी मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल को अदालत में पेश किया जाएगा, जहां इस बहुचर्चित केस में अहम फैसला आने की उम्मीद है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, लगभग सभी गवाहों ने आरोपियों के खिलाफ बयान दिए हैं, जिससे उनके दोषी साबित होने की संभावना काफी मजबूत मानी जा रही है।

पहले से रची गई थी खौफनाक साजिश

जांच में सामने आया कि यह हत्या अचानक नहीं बल्कि पूरी योजना के तहत की गई थी। सौरभ राजपूत, जो विदेश में नौकरी करते थे, अपनी पत्नी और बेटी का जन्मदिन मनाने मेरठ आए थे। आरोप है कि 3 मार्च 2025 की रात मुस्कान और साहिल ने मिलकर उनकी हत्या कर दी। घटना को अंजाम देने से पहले ही चाकू, उस्तरा, सीमेंट, बालू और प्लास्टिक ड्रम जैसी चीजें खरीद ली गई थीं।

हत्या के बाद शव के टुकड़े कर उन्हें सीमेंट से भरे ड्रम में छिपा दिया गया। घटनास्थल पर खून के निशान और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने हत्या की क्रूरता की पुष्टि की।

परिवार के बयानों ने मजबूत किया केस

सौरभ के भाई राहुल ने कोर्ट में बताया कि जब लंबे समय तक संपर्क नहीं हो पाया तो उन्हें शक हुआ। बाद में घर पहुंचने पर उन्हें भाई का शव मिला। उन्होंने साफ तौर पर मुस्कान और साहिल को जिम्मेदार ठहराया।

वहीं, मृतक की मां ने भी बहू के व्यवहार और उसके साहिल से संबंधों को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने बताया कि शादी के बाद से ही परिवार में तनाव बना हुआ था और मुस्कान का व्यवहार ठीक नहीं था।

पड़ोसी और अन्य गवाहों ने भी दिए अहम बयान

एक पड़ोसी ने कोर्ट को बताया कि घटना वाली रात उसने साहिल को सौरभ के घर जाते देखा था। बाद में इलाके में चर्चा हुई कि दोनों ने मिलकर हत्या कर शव को ड्रम में छिपा दिया।

पुलिस और फोरेंसिक टीम ने भी कोर्ट में पेश होकर घटनास्थल की स्थिति का वर्णन किया, जिसमें पूरे कमरे में खून फैला होने और शव को काटकर छिपाने की बात सामने आई।

अब आगे क्या?

इस हाई-प्रोफाइल केस में सभी गवाहों की गवाही पूरी हो चुकी है। अब 15 अप्रैल को दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जाएगा, जहां अंतिम बहस के बाद फैसला सुनाया जा सकता है।

अब तक सामने आए साक्ष्य और गवाहों के बयान आरोपियों के खिलाफ मजबूत माने जा रहे हैं, जिससे सजा तय मानी जा रही है।

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