प्रयागराज: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) ने वर्ष 2026 का हाईस्कूल (कक्षा 10वीं) परीक्षा परिणाम जारी कर दिया है। इस बार सीतापुर की कशिश वर्मा और बाराबंकी की अंशिका वर्मा ने 97.83% अंक हासिल कर संयुक्त रूप से पहला स्थान प्राप्त किया है। दोनों छात्राओं की इस उपलब्धि ने एक बार फिर साबित कर दिया कि प्रदेश में बेटियां शिक्षा के क्षेत्र में लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं।
रिजल्ट में दूसरे स्थान पर बाराबंकी की अदिति रहीं, जिन्होंने 97.50% अंक प्राप्त किए। वहीं तीसरे स्थान पर सीतापुर की अर्पिता, झांसी के ऋषभ साहू और बाराबंकी की परी वर्मा ने 97.33% अंक के साथ जगह बनाई। इस बार टॉप-3 सूची में कुल 6 विद्यार्थी शामिल हैं, जिनमें 5 छात्राएं हैं, जो बेटियों के शानदार प्रदर्शन को दर्शाता है।
#UPBoardResults
— Madhyamik Shiksha Parishad, Uttar Pradesh (@upboardpryj) April 23, 2026
हमारें टॉपर्स- pic.twitter.com/794SpWjF2e
परीक्षा से जुड़े आंकड़ों की बात करें तो वर्ष 2026 में कुल 27 लाख 50 हजार 945 छात्र-छात्राओं ने हाईस्कूल परीक्षा के लिए पंजीकरण कराया था। इनमें से लगभग 25.89 लाख विद्यार्थियों ने परीक्षा दी, जबकि करीब 1.61 लाख छात्र-छात्राएं परीक्षा में शामिल नहीं हुए। यह परीक्षा 18 फरवरी से शुरू होकर 12 मार्च 2026 तक चली थी, जिसे प्रदेश भर के 8033 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित किया गया था। कॉपियों के मूल्यांकन के लिए लगभग 96,804 शिक्षकों को लगाया गया और करीब 1.57 करोड़ उत्तर पुस्तिकाओं की जांच की गई।
छात्र-छात्राएं अपना परिणाम यूपी बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आसानी से देख सकते हैं। इसके अलावा, रिजल्ट SMS, DigiLocker और UMANG ऐप के माध्यम से भी उपलब्ध कराया गया है, जिससे छात्रों को किसी भी तकनीकी समस्या से बचने में मदद मिलेगी।
माध्यमिक शिक्षा विभाग के निदेशक डॉ. महेंद्र देव ने परिणाम जारी होने के बाद कहा कि यह केवल अंक नहीं, बल्कि छात्रों की मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प का प्रतीक है। उन्होंने उन छात्रों को भी प्रोत्साहित किया जिनका परिणाम उम्मीद के अनुरूप नहीं आया, और कहा कि आगे सुधार के कई अवसर उपलब्ध हैं।
छात्रों को सलाह दी गई है कि वे रिजल्ट देखते समय आधिकारिक वेबसाइट पर अधिक ट्रैफिक की संभावना को ध्यान में रखें और धैर्य बनाए रखें। साथ ही, भविष्य के उपयोग के लिए अपनी मार्कशीट डाउनलोड या प्रिंट अवश्य कर लें।
इस वर्ष का परिणाम पिछले साल की तुलना में दो दिन पहले जारी किया गया, जिससे लाखों छात्रों और उनके अभिभावकों का इंतजार समय से पहले समाप्त हो गया।
