• Banaras Now, Varanasi
  • April 18, 2026

वाराणसी में संदिग्ध आतंकी फंडिंग के मामले को लेकर सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं। यूपी एटीएस ने आदमपुर थाना क्षेत्र के ओमकारेश्वर इलाके में स्थित एक डॉक्टर के घर पर छापेमारी की। इस कार्रवाई के दौरान टीम ने घर से मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य डिजिटल डिवाइस जब्त कर लिए और परिवार के सदस्यों से गहन पूछताछ शुरू कर दी।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जब्त किए गए मोबाइल और लैपटॉप से बैंक लेन-देन से जुड़ी जानकारी मिली है, जिसमें लाखों रुपये के ट्रांजैक्शन का विवरण सामने आया है। साथ ही कुछ ऐसे संपर्क भी मिले हैं जो कश्मीर और पाकिस्तान से जुड़े संदिग्ध व्यक्तियों से लिंक होने की ओर इशारा कर रहे हैं।

सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई टेरर फंडिंग से संबंधित इनपुट मिलने के बाद की गई है। बताया जा रहा है कि यूपी एटीएस के साथ मुंबई एटीएस और इंटेलिजेंस ब्यूरो की टीम भी इस जांच में शामिल है। टीम करीब चार घंटे से अधिक समय तक मौके पर मौजूद रहकर हर पहलू की जांच कर रही है।

डॉक्टर और बेटे से पूछताछ जारी

जिस डॉक्टर के घर पर छापा पड़ा है, उनकी पहचान डॉ. आरिफ अंसारी के रूप में हुई है, जो आदमपुर के हनुमान फाटक इलाके में एक अस्पताल संचालित करते हैं और पेशे से बाल रोग विशेषज्ञ हैं। जांच एजेंसियां उनके बेटे अबुबकर से भी पूछताछ कर रही हैं, जो मेडिकल प्रवेश परीक्षा (NEET) की तैयारी कर रहा है।

व्हाट्सएप चैट से जुड़े मिले संदिग्ध लिंक

बताया जा रहा है कि युवक के मोबाइल में एक कश्मीरी हैंडल से व्हाट्सएप चैट के साक्ष्य मिले हैं, जिसमें पाकिस्तान से जुड़े कुछ संदिग्ध लोगों से बातचीत होने की बात सामने आई है। इसी आधार पर जांच एजेंसियों ने वाराणसी में यह कार्रवाई की।

इलाके में सुरक्षा कड़ी, लोगों की भीड़ जुटी

छापेमारी के दौरान पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। आदमपुर थाना पुलिस को मौके पर तैनात किया गया है और आसपास के क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल भी लगाया गया है। जिस गली में टीम पहुंची है, वहां आम लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है।

इस दौरान स्थानीय लोगों की भारी भीड़ भी मौके पर जमा हो गई। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियां पूरी सतर्कता के साथ जांच को आगे बढ़ा रही हैं। एटीएस के एक अधिकारी ने मौके से बाहर निकलते हुए मीडिया से बातचीत में कहा कि फिलहाल जांच जारी है और इस समय कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की जा सकती।

जांच जारी, बड़े खुलासे की संभावना

फिलहाल, एजेंसियां डिजिटल डाटा, बैंकिंग ट्रांजैक्शन और संदिग्ध संपर्कों के आधार पर पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी हैं। आने वाले समय में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

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