वाराणसी: प्रदेश में बढ़ती भीषण गर्मी और लगातार चढ़ते तापमान के बीच स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव बढ़ता जा रहा है। ऐसे में एसएनएसपीजी मंडलीय चिकित्सालय प्रशासन ने हीट वेव (लू) से प्रभावित मरीजों के उपचार और उनकी सुविधा के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। कबीरचौरा अस्पताल परिसर में मरीजों, तीमारदारों और कर्मचारियों को राहत देने के उद्देश्य से कई नई व्यवस्थाएं लागू की गई हैं, जिससे गर्मी के इस संकट में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित की जा सकें।
शुद्ध पेयजल और कूलिंग सिस्टम की मजबूत व्यवस्था
अस्पताल प्रशासन द्वारा मरीजों और उनके परिजनों के लिए शुद्ध एवं ठंडे पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। ओपीडी, इमरजेंसी, वार्ड, ब्लड बैंक और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर कुल 14 वॉटर कूलर लगाए गए हैं, जो पूरी तरह क्रियाशील हैं। इसके अतिरिक्त 9 और कूलर अस्पताल के विभिन्न विभागों में लगाए गए हैं, जिससे गर्मी के बीच हर व्यक्ति को ठंडा पानी आसानी से उपलब्ध हो सके। यह व्यवस्था खासतौर पर उन मरीजों के लिए राहतकारी साबित हो रही है, जो लंबे समय तक अस्पताल में रहते हैं।
धूप और लू से बचाव के लिए विशेष शेड
तेज धूप और लू के प्रभाव से बचाने के लिए अस्पताल परिसर में जगह-जगह शेड लगाए गए हैं। इन शेड्स के माध्यम से मरीजों, उनके परिजनों और अस्पताल कर्मियों को आने-जाने के दौरान छाया मिल रही है। इससे न केवल धूप से राहत मिल रही है, बल्कि लू लगने के खतरे को भी काफी हद तक कम किया जा रहा है।
स्ट्रेचर और व्हीलचेयर की पर्याप्त उपलब्धता
अस्पताल में आने वाले मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इमरजेंसी, ओपीडी और अन्य वार्डों में पर्याप्त संख्या में स्ट्रेचर और व्हीलचेयर की व्यवस्था की गई है। इससे गंभीर मरीजों को बिना किसी परेशानी के एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने में मदद मिल रही है। साथ ही एक विशेष पूछताछ केंद्र भी बनाया गया है, जहां मरीजों और उनके परिजनों को जरूरी जानकारी और मार्गदर्शन दिया जा रहा है।
वेटिंग एरिया में आधुनिक बैठने की सुविधा
ओपीडी और इमरजेंसी में आने वाले लोगों के लिए वेटिंग एरिया को बेहतर बनाया गया है। यहां नए सीटिंग अरेंजमेंट किए गए हैं ताकि मरीजों और उनके साथ आए लोगों को इंतजार के दौरान किसी तरह की असुविधा न हो। यह व्यवस्था भीषण गर्मी में खासतौर पर राहत प्रदान कर रही है।
हेल्प डेस्क और ओआरएस काउंटर की सुविधा
अस्पताल में एक हेल्प डेस्क काउंटर स्थापित किया गया है, जहां कर्मचारी मरीजों को अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं और इलाज की प्रक्रिया की जानकारी दे रहे हैं। इसके अलावा इमरजेंसी विभाग में ओआरएस काउंटर भी बनाया गया है, जहां हीट वेव से प्रभावित मरीजों के लिए ओआरएस घोल और पाउडर उपलब्ध कराया जा रहा है। यह कदम डिहाइड्रेशन जैसी समस्याओं से निपटने में बेहद कारगर साबित हो रहा है।
हीट वेव मरीजों के लिए विशेष कोल्ड रूम
हीट वेव से गंभीर रूप से प्रभावित मरीजों के इलाज के लिए अस्पताल में एक विशेष कोल्ड रूम स्थापित किया गया है। इस कोल्ड रूम में मल्टीपैरामीटर मॉनिटर, कोल्ड वाटर बाथ टब, आइस पैक, रेक्टल थर्मामीटर और अन्य आवश्यक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध हैं। इन सुविधाओं के माध्यम से मरीजों के शरीर के तापमान को तेजी से नियंत्रित किया जा सकता है, जिससे उनकी जान बचाने में मदद मिलती है।
अतिरिक्त डॉक्टरों और स्टाफ की तैनाती
बढ़ती गर्मी को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने इमरजेंसी सेवाओं को और मजबूत किया है। प्रत्येक शिफ्ट में 4-4 अतिरिक्त डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती की गई है, ताकि मरीजों को तुरंत और प्रभावी इलाज मिल सके। इससे अस्पताल की कार्यक्षमता में वृद्धि हुई है और मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल रही है।
प्रशासन का दावा: हर स्थिति से निपटने को तैयार
अस्पताल प्रशासन का कहना है कि हीट वेव की स्थिति को देखते हुए सभी जरूरी इंतजाम पहले से ही कर लिए गए हैं। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए चिकित्सा टीम पूरी तरह सतर्क और तैयार है। मरीजों को समय पर इलाज और बेहतर सुविधा उपलब्ध कराना प्राथमिकता है।
भीषण गर्मी के इस दौर में एसएनएसपीजी मंडलीय चिकित्सालय की ये तैयारियां न केवल मरीजों के लिए राहत भरी हैं, बल्कि यह भी दर्शाती हैं कि स्वास्थ्य विभाग स्थिति की गंभीरता को समझते हुए सक्रिय रूप से काम कर रहा है। आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ने की संभावना के बीच ये व्यवस्थाएं लोगों के लिए काफी मददगार साबित हो सकती हैं।
