वाराणसी। शहर से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां समाजवादी पार्टी से जुड़े नेता और समाजवादी छात्र सभा के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव संदीप सिंह स्वर्णकार को कथित तौर पर जहर देकर मारने की कोशिश की गई। इस मामले में उनकी पत्नी खुशबू सिंह ने कोतवाली थाने में तहरीर देकर अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पत्नी का आरोप: दुर्लभ थैलियम जहर दिया गया
खुशबू सिंह का आरोप है कि उनके पति को बेहद खतरनाक और दुर्लभ थैलियम जहर दिया गया, जिससे उनकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई। उन्होंने बताया कि साल 2025 में एक रिश्तेदार के इलाज के सिलसिले में संदीप सिंह गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल गए थे, जहां अचानक उनकी तबीयत खराब हो गई। मेदांता हॉस्पिटल में हालत में सुधार न होने पर उन्हें दिल्ली के मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने शुरुआत में Guillain-Barre Syndrome (GBS) होने की आशंका जताई।
मुंबई में जांच के बाद हुआ जहर की पुष्टि
जब दिल्ली में भी उनकी स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो परिवार उन्हें एयर एम्बुलेंस से मुंबई के पीडी हिंदुजा अस्पताल ले गया। वहां जांच के बाद डॉक्टरों ने उनके शरीर में थैलियम जहर की पुष्टि की। परिजनों का कहना है कि यह जहर धीरे-धीरे असर करता है और जानलेवा होता है, जिससे मामले को लेकर संदेह और गहरा गया।

घटनाक्रम: अस्पताल में बिगड़ी हालत, ICU तक पहुंचा मामला
परिजनों के अनुसार, फरवरी 2025 में गुरुग्राम प्रवास के दौरान संदीप सिंह की तबीयत बिगड़ी थी और 2 मार्च को उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। बाद में हालत गंभीर होने पर उन्हें दिल्ली के मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां ICU और वेंटिलेटर तक की नौबत आ गई। इसके बाद मुंबई में उनका इलाज जारी है।
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, जांच जारी
कोतवाली थाना पुलिस ने खुशबू सिंह की तहरीर पर बीएनएस की धारा 109(1) के तहत अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई की जाएगी।
राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज
संदीप सिंह स्वर्णकार को समाजवादी पार्टी के प्रमुख नेताओं के करीबी के रूप में भी देखा जाता है। ऐसे में इस घटना के सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर जहर देने के पीछे किसका हाथ है और यह साजिश कैसे रची गई।
