नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में Union Budget 2026-27 पेश करते हुए कई अहम घोषणाएं कीं। 85 मिनट के बजट भाषण में किसानों, पशुपालकों, वस्त्र उद्योग, तकनीक और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।
सरकार ने घरेलू खपत बढ़ाने और निर्यात को प्रोत्साहन देने के लिए कई वस्तुओं पर आयात शुल्क में छूट देने का एलान किया है। वहीं कुछ सेक्टरों पर टैक्स बढ़ने से कई चीजें महंगी भी होंगी।
Budget 2026: सस्ती होने वाली चीजें
- समुद्री खाद्य उत्पादों की प्रोसेसिंग से जुड़ी वस्तुएं
- जूतों के ऊपरी हिस्से (फुटवियर अपर)
- चमड़ा और वस्त्र परिधान का कच्चा माल
- लिथियम आयन सेल से जुड़ा कच्चा माल
- इलेक्ट्रिक वाहन (EV) और बैटरियां
- सोडियम एंटीमोनेट
- न्यूक्लियर परियोजनाओं से जुड़ी आवश्यक वस्तुएं
- सेमीकंडक्टर और अहम खनिजों की प्रोसेसिंग से जुड़े उपकरण
- बायोगैस मिश्रित सीएनजी
- एयरक्राफ्ट निर्माण के पुर्जे
- रक्षा विमानों के निर्माण में इस्तेमाल कच्चा माल
- माइक्रोवेव ओवन के पार्ट्स
- निजी उपयोग के लिए आयातित वस्तुएं
- कैंसर की 17 दवाएं
- 7 गंभीर बीमारियों की दवाएं
- 10 लाख रुपये तक के विदेशी टूर पैकेज
- शिक्षा और चिकित्सा के लिए विदेश भेजी जाने वाली राशि
Budget 2026: महंगी होने वाली चीजें
- शराब
- कबाड़ (स्क्रैप)
- खनिज, खासकर कोयला और लौह अयस्क
- स्टॉक ऑप्शन्स और फ्यूचर ट्रेडिंग
- गलत आयकर जानकारी देने पर भारी जुर्माना
- चल संपत्ति का खुलासा न करने पर पेनल्टी
सरकार की मंशा
सरकार का उद्देश्य मेक इन इंडिया, आत्मनिर्भर भारत और ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देना है। EV, सेमीकंडक्टर और सोलर सेक्टर को राहत देकर निवेश आकर्षित करने की कोशिश की गई है।
निष्कर्ष
Budget 2026 में आम जनता को दवाइयों, EV और रोजमर्रा के कुछ उत्पादों में राहत मिली है, जबकि शराब, खनिज और ट्रेडिंग से जुड़ी गतिविधियां महंगी होंगी। इसका असर आने वाले समय में बाजार और आम लोगों की जेब पर साफ दिखाई देगा।
