वाराणसी। चौबेपुर थाना क्षेत्र से रूह कंपा देने वाली एक घटना सामने आई है, जहां विश्वासघात और दरिंदगी की सारी हदें पार कर दी गईं। एक 19 वर्षीय युवती को उसकी अपनी सहेली ने धोखे के जाल में फंसाया, जिसके बाद पांच युवकों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया।
घटना की शुरुआत बुधवार शाम करीब 5 बजे हुई। पीड़िता का मोबाइल फोन खराब था, जिसे ठीक कराने के बहाने पड़ोस में रहने वाली एक युवती (सहेली) उसे अपने साथ कैथी बाजार ले जाने की बात कहकर घर से निकली। लेकिन बाजार ले जाने के बजाय, वह पीड़िता को गंगा किनारे एक सुनसान जगह पर ले गई। वहां पहले से ही पांच युवक मौजूद थे।
सहेली ने वहां युवती को नशीली चाय पिलाई, जिसे पीने के बाद वह अर्धविक्षिप्त अवस्था में आ गई। मौका पाकर सहेली वहां से हट गई और उन पांचों दरिंदों ने युवती को झाड़ियों में खींच लिया। नशे की हालत में बेबस युवती के साथ पांचों ने बारी-बारी से गैंगरेप किया और उसे लहूलुहान हालत में मरणासन्न छोड़कर फरार हो गए।
घर आने पर युवती ने सुनाई आपबीती
देर रात तक जब युवती घर नहीं लौटी, तो चिंतित परिजनों ने उसकी सहेली से पूछताछ की। सहेली ने अनजान बनते हुए कोई ठोस जानकारी नहीं दी और बहाने बनाकर टालती रही। अनहोनी की आशंका में परिजनों ने गंगा किनारे खोजबीन शुरू की, जहां युवती बदहवास और निर्वस्त्र हालत में मिली। उसके निजी अंगों से अत्यधिक रक्तस्राव हो रहा था। घर लाकर होश में आने पर पीड़िता ने अपनी आपबीती सुनाई, जिसे सुनकर परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई।
पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल
अगले दिन जब पीड़ित परिवार न्याय की गुहार लेकर कैथी थाने पहुंचा, तो पुलिस का रवैया संवेदनहीन रहा। परिजनों का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने केस दर्ज करने के बजाय उन पर समझौता करने का दबाव बनाया। यहां तक कि एक पुलिसकर्मी ने कथित तौर पर यह भी कहा, “किसी को मत बताना, मैं तुम्हारी शादी करवा दूंगा।” हालांकि, जब मामला सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर तूल पकड़ने लगा, तब जाकर पुलिस हरकत में आई।
क्या बोले अधिकारी
पुलिस ने पीड़िता को कड़ी सुरक्षा के बीच कबीरचौरा अस्पताल भेजा, जहां उसका मेडिकल कराया गया। चौबेपुर थानाध्यक्ष इंद्रेश कुमार के अनुसार, मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। अन्य फरार चार आरोपियों और साजिशकर्ता सहेली की तलाश में पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं।
