
वाराणसी। रंगों के पर्व होली के करीब आते ही शहर में साइबर ठग सक्रिय हो गए हैं। व्हाट्सऐप, एसएमएस और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए फर्जी होली ग्रीटिंग कार्ड, गिफ्ट कूपन और इनाम के नाम पर लिंक भेजकर लोगों को ठगी का शिकार बनाया जा रहा है। वाराणसी में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां अनजाने में लिंक पर क्लिक करते ही कुछ ही मिनटों में बैंक खाते से हजारों रुपये गायब हो गए।
असली जैसी दिखती हैं फर्जी वेबसाइटें
साइबर विशेषज्ञों के मुताबिक, ठगी के लिए भेजे गए लिंक देखने में बिल्कुल असली वेबसाइट जैसे लगते हैं। इनका मकसद लोगों की बैंकिंग डिटेल, ओटीपी और अन्य संवेदनशील जानकारी हासिल करना होता है। कई मामलों में लिंक पर क्लिक करते ही मोबाइल का रिमोट एक्सेस ठगों के हाथ में चला जाता है, जिससे वे खाते से रकम ट्रांसफर कर लेते हैं।
ऐसे रखें खुद को सुरक्षित – ध्यान रखें ये 5 बातें
- अनजान नंबर से आए किसी भी लिंक पर क्लिक न करें।
- गिफ्ट, कूपन या इनाम के लालच वाले संदेशों से सावधान रहें।
- लिंक खोलने से पहले भेजने वाले नंबर और यूआरएल की जांच करें।
- किसी भी परिस्थिति में ओटीपी, बैंक डिटेल या पासवर्ड साझा न करें।
- मोबाइल में एंटी-वायरस और सिक्योरिटी अपडेट जरूर रखें।
ठगी होने पर क्या करें?
यदि किसी के साथ साइबर ठगी होती है, तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें और शिकायत दर्ज कराएं। समय पर सूचना देने से रकम वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है।
होली के उत्सव में सावधानी ही सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है। सतर्क रहें और सुरक्षित तरीके से त्योहार मनाएं।
