वाराणसी के शिवपुर थाना क्षेत्र में मेडिकल उपकरण खरीदने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मिली जानकारी के अनुसार, भोजूबीर स्थित कैला देवी हेल्थ प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिनिधि आदित्य अग्रवाल ने फरीदाबाद की एक कंपनी से सिटी स्कैन मशीन के लिए पाइप खरीदने का सौदा किया था। इस उपकरण की कीमत करीब 47.88 लाख रुपये तय हुई थी। कंपनी की ओर से सामान भेजने से पहले 50 प्रतिशत एडवांस जमा करने की शर्त रखी गई थी।

करैली डायग्नोस्टिक सेंटर का संचालन करती है संस्था
आदित्य अग्रवाल ने बताया कि उनकी संस्था कैला देवी हेल्थ प्राइवेट लिमिटेड भोजूबीर में करैली डायग्नोस्टिक सेंटर का संचालन करती है। कुछ समय पहले उनके सेंटर में लगी सिटी स्कैन मशीन का पाइप खराब हो गया था। इसे बदलने के लिए उन्होंने कई मेडिकल उपकरण सप्लाई करने वाली कंपनियों से संपर्क किया, लेकिन कहीं बात अंतिम रूप नहीं ले सकी।
फरीदाबाद की कंपनी से हुई डील
इसी दौरान फरीदाबाद की कंपनी माइक्रो वेव टूल्स एंड गोबेस के राकेश शर्मा से उनकी बातचीत हुई। आरोपी ने भरोसा दिलाया कि वह देश के किसी भी हिस्से में एक दिन के भीतर सामान की सप्लाई कर सकता है। इसके बाद दोनों के बीच करीब 47.88 लाख रुपये में सौदा तय हुआ और आधा भुगतान अग्रिम मांगा गया।
आरटीजीएस के जरिए भेजे 23.94 लाख रुपये
आदित्य के मुताबिक, 26 फरवरी को उन्होंने अपने आईसीआईसीआई बैंक खाते से आरटीजीएस के जरिए 23.94 लाख रुपये राकेश शर्मा के खाते में ट्रांसफर कर दिए। लेकिन भुगतान के बाद न तो सामान की डिलीवरी हुई और अब आरोपी का मोबाइल फोन भी बंद आ रहा है।
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
खुद को ठगा महसूस करने पर पीड़ित ने शिवपुर थाने में शिकायत दी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर माइक्रो वेव टूल्स एंड गोबेस के राकेश शर्मा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 340(2), 336(3), 338 और 318(4) के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शिवपुर थाना प्रभारी अजीत कुमार वर्मा ने बताया कि मामले में केस दर्ज कर लिया गया है और संबंधित कंपनी से जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस पूरे प्रकरण की जांच कर रही है।
