• Banaras Now, Varanasi
  • April 18, 2026
Amit Shah loksabha

नई दिल्ली। लोकसभा में नक्सलवाद के मुद्दे पर हुई चर्चा के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश दशकों तक नक्सलवाद की समस्या से जूझता रहा, लेकिन अब हालात में बड़ा बदलाव आया है और छत्तीसगढ़ के बस्तर जैसे इलाकों में नक्सलवाद काफी हद तक खत्म हो चुका है।


“सत्ता के लिए आदिवासियों को भड़काया गया”

अमित शाह ने आरोप लगाया कि वामपंथी विचारधारा के कारण नक्सलवाद को बढ़ावा मिला और सत्ता के लिए आदिवासियों को भड़काया गया। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज लंबे समय से अपनी समस्याएं संसद में उठाए जाने की मांग करता रहा, लेकिन उन्हें वर्षों तक यह अवसर नहीं मिला।


1970 से 2026 तक का मुद्दा उठाया

गृह मंत्री ने कहा कि 1970 से लेकर 2026 तक नक्सलवाद देश के लिए एक बड़ी चुनौती बना रहा। उन्होंने कहा कि अब इस विषय पर संसद में गंभीर चर्चा होना एक सकारात्मक संकेत है।

उन्होंने विपक्ष से सवाल करते हुए पूछा कि इतने वर्षों में नक्सलवाद खत्म क्यों नहीं हो पाया और बस्तर जैसे क्षेत्र विकास से पीछे क्यों रह गए।


विपक्ष पर सीधा हमला

अमित शाह ने कहा कि जो लोग नक्सलवाद का समर्थन करते नजर आते हैं, उन्हें यह स्पष्ट करना चाहिए कि वे संविधान में विश्वास रखते हैं या नहीं। उन्होंने कहा कि देश संविधान के अनुसार ही चलेगा और हिंसा का रास्ता किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।


‘भारत जोड़ो यात्रा’ का जिक्र

गृह मंत्री ने भारत जोड़ो यात्रा का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि इस यात्रा में कई नक्सल समर्थित फ्रंटल संगठनों की भागीदारी रही। उन्होंने कहा कि यह सब रिकॉर्ड में मौजूद है।

इसके अलावा उन्होंने वर्ष 2010 में ओडिशा की एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि राहुल गांधी ने एक ऐसे व्यक्ति के साथ मंच साझा किया था, जिसने वहां भड़काऊ भाषण दिया था और उन्हें माला पहनाई थी। साथ ही 2018 में हैदराबाद में कुछ विवादित व्यक्तियों से मुलाकात का भी उल्लेख किया।


कांग्रेस पर बड़ा हमला

अमित शाह ने कहा कि 1970 से लेकर मार्च 2026 तक नक्सलवाद और हिंसा को वैचारिक समर्थन मिला है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान करीब 20 हजार लोगों की जान गई और इसके लिए कांग्रेस की विचारधारा जिम्मेदार है।

उन्होंने कहा कि:
“नक्सलियों के साथ रहते-रहते कांग्रेस और उसके नेता खुद नक्सलवादी बन गए हैं।”


विकास और जिम्मेदारी पर सवाल

गृह मंत्री ने कहा कि आजादी के बाद 75 वर्षों में से करीब 60 साल तक विपक्षी दलों ने शासन किया, लेकिन इसके बावजूद आदिवासी क्षेत्रों में अपेक्षित विकास नहीं हो पाया। उन्होंने कहा कि करोड़ों लोग गरीबी में जीवन जीते रहे और हजारों युवाओं की जान गई।


“अब बदले हैं हालात”

अमित शाह ने दावा किया कि वर्तमान सरकार के प्रयासों से अब आदिवासी क्षेत्रों में तेजी से विकास हो रहा है और नक्सलवाद पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा चुका है। उन्होंने कहा कि अब इन इलाकों में सड़क, बैंक, मोबाइल नेटवर्क जैसी सुविधाओं का विस्तार हुआ है।


राजनीति से ऊपर उठने की अपील

अपने संबोधन के अंत में उन्होंने कहा कि नक्सलवाद जैसे गंभीर मुद्दे पर राजनीति से ऊपर उठकर समाधान पर ध्यान देना चाहिए।

इस बयान के बाद संसद में सियासी माहौल और गर्म हो गया है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है।

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