बजरडीहा क्षेत्र के शिवराज नगर कॉलोनी स्थित एक पार्किंग एरिया में 80 लाख रुपये की कथित डकैती का बड़ा मामला सामने आया है। यह घटना 14 मार्च की बताई जा रही है, लेकिन 25 दिन बाद कंपनी मालिक की तहरीर पर भेलूपुर पुलिस ने छह अज्ञात लोगों के खिलाफ डकैती, मारपीट, अपहरण, बंधक बनाने और जान से मारने की धमकी सहित गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस इस पूरे मामले को सिर्फ सामान्य लूट नहीं मान रही है, बल्कि इसमें हवाला या बड़ी रकम के संदिग्ध लेन-देन की संभावना भी जताई जा रही है।
गुजरात की कंपनी से जुड़ा पूरा मामला
मामला गुजरात के गांधीनगर जिले के रांझरडा स्थित मेसर्स एसके ट्रेडर्स कंपनी से जुड़ा है। कंपनी के मालिक कमलेश शाह ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि उनका कारोबार फल, सब्जी, फूल और अन्य कृषि उत्पादों से जुड़ा हुआ है।
कमलेश शाह के अनुसार 13 मार्च को कंपनी के एक अस्थायी कर्मचारी बजरंग सिंह, जो मध्य प्रदेश का निवासी है, को 80 लाख रुपये नकद देकर वाराणसी भेजा गया था। यह रकम किसी व्यापारिक सौदे या खरीदारी के उद्देश्य से दी गई थी।
पार्किंग में हुई कथित वारदात कैसे हुई
जानकारी के अनुसार 14 मार्च की रात बजरंग सिंह शिवराज नगर कॉलोनी में एक मकान के पार्किंग क्षेत्र में कार के अंदर बैठा था। उसी दौरान करीब 6 अज्ञात लोग वहां पहुंचे और अचानक उस पर हमला कर दिया। आरोप है कि इन लोगों ने कर्मचारी को धमकाया और असलहा दिखाकर बंधक बना लिया। इसके बाद उसके साथ मारपीट की गई और कार की डिक्की में रखे 80 लाख रुपये लूट लिए गए। घटना के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। किसी तरह खुद को छुड़ाकर बाहर आए कर्मचारी ने मकान मालिक राजेंद्र सिंह और एक अन्य व्यक्ति हसमुख गिरि को घटना की जानकारी दी।
पुलिस जांच में उठ रहे गंभीर सवाल
पुलिस जांच में कई ऐसे बिंदु सामने आए हैं जिनसे मामला संदिग्ध नजर आ रहा है। घटना के 25 दिन बाद एफआईआर दर्ज कराई गई है, जो जांच को सवालों के घेरे में लाती है। घटनास्थल के सीसीटीवी कैमरे या तो खराब मिले या उनके रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं हैं। मुख्य गवाह और संबंधित व्यक्ति संपर्क से बाहर बताए जा रहे हैं। कर्मचारी बजरंग सिंह का मोबाइल भी बंद आ रहा है। इसके अलावा मकान किराए पर लेने में भी गलत जानकारी देने की आशंका जताई जा रही है। इन सभी कारणों से पुलिस इसे केवल डकैती का मामला नहीं मान रही है और हर पहलू से जांच कर रही है।
मकान किराए पर लेने को लेकर भी शक
जांच में यह भी सामने आया है कि जिस मकान की पार्किंग में घटना हुई बताई जा रही है, उसे किराए पर लेते समय गलत पहचान दी गई थी। मकान मालिक का कहना है कि खुद को गुजरात का व्यापारी बताकर मकान लिया गया था, जबकि वास्तविक स्थिति को लेकर संदेह बना हुआ है। इस पहलू ने जांच को और अधिक जटिल बना दिया है।
CCTV और डिजिटल सबूतों की जांच
पुलिस आसपास के इलाकों में लगे अन्य सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि घटना के समय की गतिविधियों को समझा जा सके। हालांकि घटनास्थल पर लगे कैमरों के खराब होने या हटाए जाने से जांच में बाधा आ रही है। इसके बावजूद पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उस रात कौन-कौन लोग वहां मौजूद थे और किन वाहनों की आवाजाही हुई थी।
हवाला कनेक्शन की आशंका
पुलिस सूत्रों के अनुसार इतनी बड़ी नकदी और घटना के तरीके को देखते हुए हवाला नेटवर्क की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि यह रकम वास्तविक व्यापारिक लेनदेन थी या किसी अवैध वित्तीय लेनदेन का हिस्सा थी।
मुख्य लोग संपर्क से बाहर
जांच के दौरान पुलिस को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि कर्मचारी बजरंग सिंह का मोबाइल बंद है और मकान मालिक बताए जा रहे राजेंद्र सिंह से भी संपर्क नहीं हो पा रहा है। एक अन्य व्यक्ति हसमुख गिरि भी फिलहाल पुलिस की पहुंच से बाहर है, जिससे जांच आगे बढ़ाने में कठिनाई आ रही है।
पहले भी सामने आ चुका है बड़ा मामला
पुलिस ने बताया कि भेलूपुर के बैजनत्था स्थित आदि शंकराचार्य कॉलोनी में 29 मई 2023 की रात लूटकांड सामने आया था। उसमें भी हवाला नेटवर्क सामने आया था। तत्कालीन एसओ समेत सात पुलिसकर्मियों एवं अन्य पर केस दर्ज हुआ था। घटना के छह दिन बाद गुजरात की कंपनी के कर्मचारी की तहरीर पर केस दर्ज हो सका था।
