• Banaras Now, Varanasi
  • April 18, 2026

वाराणसी में चर्चित टकसाल सिनेमा फायरिंग मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। करीब 24 साल पुराने इस केस में एमपी-एमएलए कोर्ट ने अभय सिंह और एमएलसी विनीत सिंह समेत सभी छह आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। इस फैसले से पूर्व सांसद धनंजय सिंह को बड़ा झटका लगा है।

यह मामला साल 2002 का है, जब धनंजय सिंह ने आरोप लगाया था कि अभय सिंह और उनके साथियों ने उनके काफिले पर अंधाधुंध फायरिंग की थी। इस हमले में वह स्वयं, उनका गनर और चालक घायल हो गए थे। घटना के बाद पुलिस ने कई आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था और बाद में गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की गई थी।

कोर्ट ने इससे पहले 2025 में गैंगस्टर एक्ट के मामले में भी आरोपियों को राहत दी थी। अब फायरिंग केस में भी सभी को बरी कर दिया गया है।

फैसले से पहले सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। कोर्ट परिसर और आसपास के इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात रहा, जिसमें कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।

फैसले से एक दिन पहले धनंजय सिंह ने काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन कर न्याय की उम्मीद जताई थी। इसके अलावा उन्होंने कालभैरव मंदिर में भी पूजा-अर्चना की थी।

क्या था पूरा मामला?

4 अक्टूबर 2002 को धनंजय सिंह अपने काफिले के साथ वाराणसी से जौनपुर जा रहे थे। नदेसर स्थित टकसाल सिनेमा के पास पहुंचते ही बोलेरो सवार हमलावरों ने फायरिंग शुरू कर दी। इस हमले में कई लोग घायल हुए थे, जबकि आरोपी मौके से फरार हो गए थे।

दोस्ती से दुश्मनी तक

धनंजय सिंह और अभय सिंह कभी करीबी दोस्त माने जाते थे। दोनों की मुलाकात छात्र जीवन के दौरान हुई थी और लंबे समय तक उनकी दोस्ती चर्चा में रही। हालांकि, बाद में आपसी विवाद और आरोप-प्रत्यारोप के चलते दोनों के रिश्ते बिगड़ गए और मामला आपराधिक मुकदमों तक पहुंच गया।

आगे क्या?

फिलहाल कोर्ट के इस फैसले के बाद मामले का कानूनी अध्याय लगभग खत्म हो गया है। हालांकि, इस फैसले को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *