पटना: सम्राट चौधरी ने बुधवार को बिहार के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले ली। उनके साथ विजेंद्र यादव और विजय चौधरी ने भी उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण की। इसके साथ ही राज्य में नई सरकार का औपचारिक गठन हो गया है।
करीब दो दशकों बाद बिहार को नया मुख्यमंत्री मिला है। सम्राट चौधरी भारतीय जनता पार्टी के पहले नेता हैं, जो इस पद तक पहुंचे हैं। शपथग्रहण समारोह राजधानी पटना के लोकभवन में आयोजित हुआ, जहां कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस दौरान जेपी नड्डा सहित एनडीए के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
समारोह से पहले मंदिर दर्शन
शपथ ग्रहण से पहले सम्राट चौधरी मंदिर पहुंचे और पूजा-अर्चना की। इसके बाद वे अपने सरकारी आवास से कार्यक्रम स्थल के लिए रवाना हुए। समारोह राष्ट्रीय गीत के साथ शुरू हुआ, जिसमें नीतीश कुमार की मौजूदगी भी चर्चा का केंद्र रही।
राजनीतिक हलचल तेज
नई सरकार के गठन के साथ ही बिहार की राजनीति में हलचल बढ़ गई है। विभिन्न दलों के नेताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने सम्राट चौधरी को बधाई देते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में बिहार नई ऊंचाइयों को छुएगा।
मंत्रीमंडल विस्तार की तैयारी
सूत्रों के अनुसार, मंत्रिमंडल का विस्तार पश्चिम बंगाल चुनाव के बाद किया जा सकता है। जेडीयू और अन्य सहयोगी दलों से कई नेताओं को मंत्री बनाए जाने की संभावना है। जिन नामों की चर्चा है, उनमें श्रवण कुमार, अशोक चौधरी, मदन सहनी, जमा खान और अन्य नेता शामिल हैं।
बीजेपी की ऐतिहासिक उपलब्धि
बताया जा रहा है कि भाजपा ने करीब 46 साल बाद बिहार में सत्ता की कमान सीधे अपने हाथ में ली है। पार्टी लंबे समय तक सहयोगी की भूमिका में रही, लेकिन अब पहली बार मुख्यमंत्री पद हासिल किया है।
सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था सख्त
शपथग्रहण समारोह को देखते हुए पूरे इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। कई मार्गों पर यातायात प्रतिबंध लागू रहा और केवल वीआईपी व अधिकृत वाहनों को ही प्रवेश की अनुमति दी गई।
क्या बोले नेता
उपमुख्यमंत्री बनने के बाद नेताओं ने नई सरकार को स्थिर और विकासोन्मुखी बताया। साथ ही कहा गया कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा।
