वाराणसी: शहर में सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत गुरुवार सुबह से लहरतारा-बौलिया इलाके में लोक निर्माण विभाग (PWD) ने बड़े पैमाने पर ध्वस्तीकरण अभियान शुरू कर दिया। 6 लेन सड़क निर्माण में बाधा बन रहे करीब 100 मकानों को गिराया जा रहा है। PWD की टीम बुलडोजर के साथ मौके पर पहुंची और एक-एक कर मकानों को ढहाने की कार्रवाई शुरू की। बताया जा रहा है कि इन मकानों को पहले ही खाली करने के लिए नोटिस जारी किया गया था।
एक साल पहले दी गई थी चेतावनी
जानकारी के मुताबिक, विभाग ने करीब एक साल पहले ही इन मकानों पर नोटिस चस्पा कर दिए थे। इसमें कहा गया था कि यह जमीन वन विभाग की श्रेणी में आती है, इसलिए अवैध निर्माण हटाया जाए। इसके बावजूद कई लोग मकान खाली नहीं कर पाए, जिसके बाद अब सख्त कार्रवाई की जा रही है।
31 किमी लंबी 6 लेन सड़क परियोजना
वाराणसी में ट्रैफिक को सुगम बनाने के लिए मोहनसराय बाईपास से मुगलसराय तक करीब 31 किलोमीटर लंबी 6 लेन सड़क बनाई जा रही है। इस परियोजना का कुछ हिस्सा पहले ही पूरा हो चुका है, लेकिन बौलिया तिराहा के आगे निर्माण कार्य जनवरी 2025 से रुका हुआ था। इस सड़क को शहर के अंदर कैंट स्टेशन, राजघाट और पड़ाव चौराहा होते हुए आगे बढ़ाया जाना है। परियोजना के लिए राज्य सरकार द्वारा करीब 197.40 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है।
आबादी के बीच फंसा था निर्माण कार्य
बौलिया तिराहा के आगे सड़क आबादी के बीच से गुजर रही है। सर्वे के बाद PWD ने करीब 100 घरों को चिन्हित किया और उन पर लाल निशान लगाकर स्वयं निर्माण हटाने के निर्देश दिए थे। जुलाई 2025 से लगातार मुनादी भी कराई जा रही थी।
सांसद ने जताई थी आपत्ति
इस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक हलचल भी देखने को मिली थी। नगीना से सांसद चंद्रशेखर आज़ाद ने 29 जुलाई को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर ध्वस्तीकरण पर रोक लगाने की मांग की थी। फिलहाल मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है और प्रशासन पूरे अभियान की निगरानी कर रहा है।
