वाराणसी: पूर्वांचल सहित पूरे उत्तर प्रदेश में इन दिनों भीषण गर्मी ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। वाराणसी में तापमान लगातार 44 डिग्री सेल्सियस के पार बना हुआ है, जिससे यह देश के सबसे गर्म शहरों में शामिल हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार, सामान्य से 4–5 डिग्री अधिक तापमान दर्ज किया जा रहा है, जिसके चलते जनजीवन पर गहरा असर पड़ रहा है।
सुबह 7 बजे के बाद ही तेज धूप और गर्म हवाओं का असर महसूस होने लगता है। हालात ऐसे हैं कि सुबह के समय ही तापमान 42–43 डिग्री के आसपास पहुंच जा रहा है। इसका सीधा असर शहर के प्रमुख धार्मिक स्थलों, खासकर गंगा घाटों पर देखने को मिल रहा है, जहां सुबह 9 बजे के बाद ही सन्नाटा पसर जाता है। आम दिनों में जहां श्रद्धालुओं और पर्यटकों की भीड़ रहती थी, वहीं अब दोपहर के समय घाट लगभग खाली नजर आते हैं।
घाटों से लेकर सड़कों तक दिखा असर
सिर्फ घाट ही नहीं, शहर की सड़कों और बाजारों में भी दोपहर के समय लोगों की आवाजाही बेहद कम हो गई है। तेज धूप और लू के कारण लोग घरों में रहने को मजबूर हैं। नगर निगम ने राहत के तौर पर शहर के प्रमुख चौराहों पर ग्रीन नेट (हरे पर्दे) लगाए हैं, ताकि ट्रैफिक सिग्नल पर खड़े राहगीरों को कुछ राहत मिल सके।
स्कूलों के समय में बदलाव
गर्मी के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए जिला प्रशासन ने भी कदम उठाए हैं। जिलाधिकारी के निर्देश पर कक्षा 1 से 8 तक के सभी स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है। अब स्कूल सुबह 7 बजे से 11:30 बजे तक ही संचालित किए जाएंगे, ताकि बच्चों को लू से बचाया जा सके।
स्वास्थ्य विभाग की एडवाइजरी जारी
इस बीच स्वास्थ्य विभाग ने भी लोगों के लिए एडवाइजरी जारी की है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने सलाह दी है कि बिना जरूरी काम के घर से बाहर न निकलें, अधिक से अधिक पानी पिएं और हल्के, ढीले सूती कपड़े पहनें। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अधिक गर्मी के कारण शरीर का तापमान संतुलन बिगड़ सकता है, जिससे हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।
हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ा
डॉक्टरों के अनुसार, हीट स्ट्रोक की स्थिति में व्यक्ति को चक्कर आना, सिरदर्द, उल्टी, बेहोशी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराना जरूरी है। इसके अलावा, बाजार में खुले में रखे खाद्य पदार्थों के सेवन से बचने की भी सलाह दी गई है।
अस्पतालों में बढ़े मरीज
लगातार बढ़ती गर्मी के कारण अस्पतालों में भी मरीजों की संख्या में इजाफा देखा जा रहा है। खासकर डिहाइड्रेशन, सिरदर्द और थकान से जुड़े मामलों में बढ़ोतरी हुई है।
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी राहत के कोई संकेत नहीं दिए हैं। ऐसे में प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग लोगों से सावधानी बरतने और सुरक्षित रहने की अपील कर रहे हैं।
