वाराणसी: चौबेपुर थाना क्षेत्र में शनिवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया, जिसमें गिट्टी से लदे डंपर की चपेट में आने से एक युवा खलासी की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर इकट्ठा हो गए। लोगों ने हादसे को लेकर नाराजगी जताते हुए ट्रैफिक पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए।
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों का कहना है कि ट्रैफिक पुलिस द्वारा ट्रक चालकों से अक्सर अवैध वसूली की जाती है। ग्रामीणों का आरोप है कि इसी तरह की कथित वसूली को लेकर मौके पर हुई हड़बड़ी के दौरान यह हादसा हुआ।
मौके पर पहुंची पुलिस, स्थिति संभाली
घटना की सूचना मिलते ही चौकी प्रभारी महेश मिश्रा पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और हादसे में शामिल डंपर को भी जब्त कर लिया गया है।
कैसे हुआ हादसा?
जानकारी के मुताबिक, यह घटना चिरईगांव क्षेत्र की है। मृतक की पहचान 18 वर्षीय परमेश्वर के रूप में हुई है, जो सोनभद्र जिले के घोरावल तहसील का निवासी था। वहीं, डंपर चालक की पहचान 25 वर्षीय धीरज यादव (निवासी रॉबर्ट्सगंज, सोनभद्र) के रूप में हुई है।
बताया जा रहा है कि डंपर नो-एंट्री क्षेत्र में प्रवेश कर गया था। इसी दौरान ट्रैफिक पुलिस ने उसे रोककर वाहन को पीछे करने के लिए कहा। खलासी परमेश्वर डंपर को बैक कराने के लिए नीचे उतरकर मार्गदर्शन कर रहा था, तभी अचानक वह वाहन की चपेट में आ गया और टायर के नीचे दबने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
ग्रामीणों में आक्रोश
हादसे के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ट्रैफिक पुलिस द्वारा की जाने वाली अवैध वसूली के कारण यह घटना हुई है। उनका कहना है कि यदि इस तरह की दबाव की स्थिति न होती तो यह हादसा टल सकता था।
पुलिस का बयान
चौबेपुर थाना प्रभारी वीरेंद्र सोनकर ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में ट्रैफिक पुलिस पर लगे आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और घटना से जुड़े सभी पहलुओं को गंभीरता से परखा जा रहा है।
