• Banaras Now, Varanasi
  • April 25, 2026

वाराणसी | वाराणसी के कोतवाली थाना क्षेत्र से एक बेहद गंभीर और सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां दुष्कर्म, धोखाधड़ी और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने का आरोपी पुलिस हिरासत से फरार हो गया। यह घटना शुक्रवार देर शाम उस समय हुई जब थाने में उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही थी। इस दौरान मौके पर दोनों पक्षों के वकील मौजूद थे और FIR लिखी जा रही थी वह चकमा देकर फरार हो गया। आरोपी के फरार होते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और वरिष्ठ अधिकारियों ने तुरंत कई टीमों का गठन कर उसकी तलाश शुरू कर दी।

पुलिस पर उठे सवाल

बताया जा रहा है कि पीड़िता ने एक महीने तक बंधक बनाकर दुष्कर्म करने सहित अन्य धाराओं में आफताब अंसारी उर्फ अमित निवासी रसूलपुर, हरहुआ, बड़ागांव पर तहरीर दी थी। शिकायत के आधार पर कोतवाली पुलिस ने युवक को हिरासत में लिया था। शाम के समय जब थाने में दोनों पक्षों के वकील मौजूद थे और एफआईआर दर्ज की जा रही थी, तभी आरोपी मौका पाकर पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। इस घटना ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं।

कैटरिंग के काम के दौरान हुई थी पहली मुलाकात

पीड़िता, जो कि शादी-ब्याह में कैटरिंग का कार्य करती है, ने अपनी शिकायत में बताया कि उसकी मुलाकात साल 2024 में एक शादी समारोह के दौरान आरोपी से हुई थी। आरोपी आफताब अंसारी उर्फ अमित ने खुद को हिंदू बताते हुए उससे बातचीत शुरू की और दावा किया कि वह वेटर और अन्य कर्मचारियों को ठेके पर काम दिलाता है। उसने युवती को बेहतर काम और कमाई का लालच दिया और उसका मोबाइल नंबर ले लिया।

धीरे-धीरे बढ़ी नजदीकियां, शुरू हुआ शोषण

पीड़िता के अनुसार, आरोपी ने उसे कई जगह काम दिलाया और फोन पर लगातार बातचीत के जरिए उसके करीब आता गया। कुछ समय बाद उसने प्रेम संबंध का झांसा दिया और फिर काम दिलाने के बहाने उसे होटल में बुलाकर कई बार जबरन शारीरिक संबंध बनाए। इस दौरान आरोपी ने अपनी असली पहचान पूरी तरह छिपाए रखी और भरोसे का फायदा उठाकर उसका शोषण करता रहा।

हिंदू रीति-रिवाज से शादी, बाद में सामने आई सच्चाई

पीड़िता का कहना है कि आरोपी ने 25 मार्च 2025 को चौकाघाट स्थित एक मंदिर में हिंदू रीति-रिवाज से उससे शादी की। इस शादी में आरोपी के परिवार का कोई सदस्य मौजूद नहीं था, जबकि युवती के परिवार ने इसमें आर्थिक रूप से सहयोग भी किया। युवती के परिवार वालों ने युवक को एक लाख रुपए नकद व एक लाख रुपए शादी में खर्च किए थे। शादी के बाद आरोपी उसे अपने पैतृक घर ले जाने के बजाय शहर के एक किराए के मकान में रखता रहा।

पहचान उजागर होने के बाद बढ़ा विवाद

कुछ समय बाद युवती को पता चला कि उसका असली नाम अमित नहीं आफताब अंसारी है। उसने अपनी असली पहचान छुपा कर रखी। इसके बाद उसने विरोध किया, जिस पर आरोपी ने कथित रूप से उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने उस पर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया और इनकार करने पर उसे धमकाया गया।

बंधक बनाकर रखने और उत्पीड़न का आरोप

पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी उसे अपने घर ले गया, जहां कुछ समय तक उसे जबरन रोके रखा गया। इस दौरान उसके साथ लगातार मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न किया गया। किसी तरह मौका पाकर वह वहां से निकलने में सफल हुई और अपने परिजनों को पूरी घटना की जानकारी दी।

गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज

परिजनों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और सभी आरोपों की गहनता से पड़ताल की जा रही है।

फरारी के बाद तेज हुई पुलिस की कार्रवाई

आरोपी के थाने से फरार होने के बाद पुलिस ने उसकी तलाश तेज कर दी है। सर्विलांस टीम, लोकल इंटेलिजेंस और अन्य तकनीकी माध्यमों की मदद से संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। अधिकारियों का दावा है कि आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा और उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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