वाराणसी: धर्म और संस्कृति की नगरी काशी में अब बुजुर्गों के लिए अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस एक भव्य वृद्धाश्रम तैयार हो चुका है। रामनगर क्षेत्र में बने इस हाईटेक आश्रय गृह का उद्घाटन 28 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने वाराणसी दौरे के दौरान करेंगे। यह परियोजना न केवल शहर के लिए एक बड़ी सौगात मानी जा रही है, बल्कि बुजुर्गों के सम्मानजनक और आरामदायक जीवन की दिशा में एक अहम पहल भी है।
करीब 23.14 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित इस वृद्धाश्रम को नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (NCL) ने अपने कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) फंड के तहत तैयार कराया है। इसके लिए जमीन समाज कल्याण विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गई थी। संचालन की जिम्मेदारी अगले पांच वर्षों के लिए राजस्थान की प्रतिष्ठित संस्था तारा फाउंडेशन को सौंपी गई है।

थ्री-स्टार होटल जैसी सुविधाएं
इस अत्याधुनिक वृद्धाश्रम की सबसे खास बात इसकी सुविधाएं हैं, जो किसी तीन सितारा होटल से कम नहीं हैं। यहां कुल 46 लक्जरी कमरे बनाए गए हैं, जिनमें आरामदायक बेड, एयर कंडीशनर, अलमारी, डाइनिंग टेबल और टीवी जैसी सभी आवश्यक सुविधाएं मौजूद हैं। हर कमरे को इस तरह डिजाइन किया गया है कि बुजुर्गों को घर जैसा सुकून और सुरक्षा दोनों मिल सके।
आधुनिक सुविधाओं से लैस पूरा परिसर
सिर्फ कमरे ही नहीं, बल्कि पूरे परिसर को बुजुर्गों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विकसित किया गया है। यहां लिफ्ट की सुविधा, विशाल डाइनिंग हॉल, आधुनिक किचन, डॉक्टर रूम, सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए केंद्र, मंदिर और गेस्ट रूम जैसी व्यवस्थाएं भी उपलब्ध हैं। इसके अलावा एक खूबसूरत गार्डन भी तैयार किया गया है, जहां बुजुर्ग खुली हवा में समय बिता सकेंगे और मानसिक शांति का अनुभव कर सकेंगे।

100 बुजुर्गों के रहने की व्यवस्था
इस वृद्धाश्रम में फिलहाल 100 बुजुर्गों के रहने की व्यवस्था की गई है, हालांकि भविष्य में इसकी क्षमता बढ़ाने की योजना भी है। यहां रहने वाले बुजुर्गों की देखभाल के लिए 25 से अधिक स्टाफ तैनात किए गए हैं, जिनमें केयरटेकर, किचन स्टाफ और मेडिकल टीम शामिल है।
भोजन और स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह मुफ्त
भोजन की व्यवस्था भी सुव्यवस्थित तरीके से की गई है। दिन में चार बार भोजन देने के लिए एक निश्चित मेन्यू तैयार किया गया है, ताकि बुजुर्गों को पौष्टिक और संतुलित आहार मिल सके। स्वास्थ्य सेवाओं के लिए दो नर्सिंग स्टाफ नियमित रूप से मौजूद रहेंगी, जबकि हर दूसरे दिन डॉक्टर द्वारा हेल्थ चेकअप किया जाएगा। डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही दवाइयां उपलब्ध कराई जाएंगी, और यह सभी सेवाएं पूरी तरह निःशुल्क होंगी।

24 घंटे बिजली और सोलर पावर की सुविधा
बिजली की निर्बाध आपूर्ति के लिए यहां 24 घंटे बिजली की व्यवस्था की गई है। इसके लिए जेनरेटर के साथ-साथ सोलर पैनल भी लगाए गए हैं, जिससे ऊर्जा की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित हो सके।
प्रधानमंत्री के हाथों उद्घाटन के बाद यह वृद्धाश्रम काशी में सामाजिक सेवा का एक नया उदाहरण बनेगा। यह पहल न केवल बुजुर्गों को सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन प्रदान करेगी, बल्कि समाज में उनके प्रति जिम्मेदारी और संवेदनशीलता का संदेश भी देगी।
