लखनऊ, 26 अप्रैल। उत्तर प्रदेश के रियल एस्टेट सेक्टर में युवा नेतृत्व को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है। राष्ट्रीय रियल एस्टेट विकास परिषद (NAREDCO) उत्तर प्रदेश की गवर्निंग काउंसिल बैठक में काशी के युवा उद्यमी निलेश दुबे को नेक्स्टजेन, उत्तर प्रदेश का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। यह जिम्मेदारी उन्हें वर्ष 2026 से 2028 तक के लिए सौंपी गई है। इस अवसर पर परिषद के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. आदित्य शुक्ला सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी और सचिवालय के सदस्य मौजूद रहे।
रियल एस्टेट सेक्टर में अहम भूमिका निभाता है NAREDCO
NAREDCO भारत सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के अधीन कार्य करने वाला एक प्रमुख संस्थान है, जो रियल एस्टेट क्षेत्र में नीतिगत सुधार, पारदर्शिता और निवेश को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाता है। ऐसे में निलेश दुबे की नियुक्ति को प्रदेश में नई पीढ़ी के नेतृत्व को आगे लाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
काशी से राष्ट्रीय स्तर तक पहचान
वाराणसी निवासी निलेश दुबे ऐसे परिवार से आते हैं, जिसका रियल एस्टेट क्षेत्र में चार दशकों से अधिक का अनुभव रहा है। उनके पिता रामप्रकाश दुबे प्रदेश के जाने-माने सामाजिक और राजनीतिक व्यक्तित्व रहे हैं, जिन्होंने लंबे समय तक जनसेवा और संगठनात्मक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाई है। इसी पृष्ठभूमि के साथ निलेश दुबे ने अपनी शिक्षा और पेशेवर सोच के दम पर अलग पहचान बनाई है।
मजबूत शैक्षणिक और प्रोफेशनल बैकग्राउंड
निलेश दुबे ने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) से अर्थशास्त्र में स्नातक (ऑनर्स) की पढ़ाई की है। इसके बाद उन्होंने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) दिल्ली से उद्यमिता प्रबंधन में डिप्लोमा हासिल किया। वर्तमान में वे विधि (LL.B.) की पढ़ाई कर रहे हैं, जिससे उनकी समझ नीति, कानून और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में और मजबूत हो रही है।
व्यवसाय में सक्रिय भूमिका
पेशेवर तौर पर निलेश दुबे यूनिक स्पार्क इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक हैं और चंद्रप्रभा रियल्टी से भी जुड़े हुए हैं। वे भूमि विकास, निवेश परामर्श, शहरी योजना और रियल एस्टेट के संगठित विकास के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उनके कार्य का मुख्य फोकस व्यवस्थित विकास और निवेशकों के विश्वास को मजबूत करना रहा है।
नई जिम्मेदारी, बड़ा विजन
नेक्स्टजेन अध्यक्ष के रूप में निलेश दुबे का लक्ष्य उत्तर प्रदेश में युवा डेवलपर्स का एक मजबूत और संगठित नेटवर्क तैयार करना है। इसके साथ ही वे सरकार और उद्योग के बीच संवाद को बेहतर बनाने, नीति-आधारित विकास को बढ़ावा देने और रियल एस्टेट सेक्टर में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने पर ध्यान देंगे।
पूर्वांचल पर विशेष फोकस
निलेश दुबे का विशेष ध्यान पूर्वांचल क्षेत्र पर रहेगा, जिसमें वाराणसी, अयोध्या, प्रयागराज और गोरखपुर जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहर शामिल हैं। उनका मानना है कि इन शहरों में संरचित और संतुलित विकास की अपार संभावनाएं हैं, जो रोजगार सृजन और निवेश को बढ़ावा दे सकती हैं।
रियल एस्टेट: विकास और रोजगार का बड़ा आधार
विशेषज्ञों के अनुसार रियल एस्टेट क्षेत्र केवल आवास निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बुनियादी ढांचे के विकास, रोजगार सृजन और आर्थिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण माध्यम है। ऐसे में इस क्षेत्र में पारदर्शिता, समयबद्ध अनुमोदन प्रक्रिया और नीति आधारित कार्यप्रणाली बेहद जरूरी है।
जिम्मेदारी को अवसर के रूप में देख रहे निलेश
अपनी नियुक्ति पर निलेश दुबे ने कहा कि यह उनके लिए एक बड़ी जिम्मेदारी के साथ-साथ अवसर भी है। वे प्रदेश के रियल एस्टेट क्षेत्र को अधिक पारदर्शी, संगठित और निवेश के अनुकूल बनाने के लिए कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में उद्योग और सरकार के बीच समन्वय को और मजबूत किया जाएगा, जिससे विकास की रफ्तार तेज हो सके।
युवा नेतृत्व को मिलेगा मंच
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की नियुक्तियां उत्तर प्रदेश में उभरते हुए युवा नेतृत्व को एक मजबूत मंच प्रदान करती हैं। इससे न केवल नए विचारों और नवाचार को बढ़ावा मिलता है, बल्कि विकास की प्रक्रिया भी अधिक प्रभावी और संतुलित बनती है।
कुल मिलाकर, निलेश दुबे की यह नियुक्ति न केवल उनके व्यक्तिगत करियर के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह उत्तर प्रदेश के रियल एस्टेट सेक्टर में नई ऊर्जा और दिशा देने वाला कदम भी माना जा रहा है।
