वाराणसी, 26 अप्रैल। काशी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित दौरे को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। भारतीय जनता पार्टी ने 28 अप्रैल को बरेका परेड ग्राउंड में ‘जन-आक्रोश महिला सम्मेलन’ आयोजित करने की घोषणा की है, जिसमें प्रधानमंत्री मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होकर हजारों महिलाओं को संबोधित करेंगे। इस कार्यक्रम को लेकर पार्टी संगठन ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं और इसे ऐतिहासिक बनाने की रणनीति पर काम तेज कर दिया गया है।
50 हजार महिलाओं की भागीदारी का लक्ष्य
भाजपा की ओर से इस सम्मेलन में लगभग 50 हजार महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए महिला मोर्चा की टीमें जिले से लेकर महानगर तक बूथ स्तर पर सक्रिय हो गई हैं। घर-घर संपर्क अभियान चलाकर महिलाओं को सम्मेलन में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया जा रहा है। पार्टी नेताओं का मानना है कि यह कार्यक्रम महिला शक्ति के बड़े प्रदर्शन के रूप में सामने आएगा।
महिलाओं के हाथों में आयोजन की कमान
इस सम्मेलन की खास बात यह है कि इसकी पूरी जिम्मेदारी महिलाओं को सौंपी गई है। कार्यक्रम की योजना, संचालन, प्रबंधन और स्वागत व्यवस्था तक हर जिम्मेदारी महिला कार्यकर्ताओं के जिम्मे है। पार्टी का उद्देश्य इस आयोजन के माध्यम से महिलाओं की भागीदारी और नेतृत्व क्षमता को प्रदर्शित करना है।
बैठक में बनी रणनीति, पदाधिकारियों को जिम्मेदारी
रोहनिया स्थित क्षेत्रीय कार्यालय में इस आयोजन को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता क्षेत्रीय अध्यक्ष दिलीप पटेल ने की। बैठक में कार्यक्रम की रूपरेखा, भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था, पार्किंग, पेयजल और मीडिया समन्वय जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि वे अपनी-अपनी जिम्मेदारियों का समय से पहले निर्वहन सुनिश्चित करें, ताकि आयोजन में किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।

पांच प्रमुख स्थानों पर होगा भव्य स्वागत
प्रधानमंत्री के स्वागत को लेकर भी विशेष योजना तैयार की गई है। जिलाध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा के अनुसार, बनारस रेलवे स्टेशन, पुलिस लाइन, लहुराबीर, मैदागिन और काशी विश्वनाथ मंदिर सहित पांच स्थानों पर भव्य स्वागत किया जाएगा। इन स्थानों पर कार्यकर्ता ढोल-नगाड़ों, पुष्पवर्षा और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष के साथ प्रधानमंत्री का अभिनंदन करेंगे।
दो दिवसीय दौरे पर आएंगे पीएम
जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री 28 अप्रैल को वाराणसी पहुंचेंगे और बरेका मैदान में आयोजित महिला सम्मेलन को संबोधित करेंगे। इसके बाद वे रात्रि विश्राम करेंगे। दौरे के दूसरे दिन 29 अप्रैल को प्रधानमंत्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन करेंगे और अन्य कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे।
राजनीतिक और सामाजिक संदेश का मंच
भाजपा नेताओं का कहना है कि यह सम्मेलन केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि महिलाओं की भागीदारी और सशक्तिकरण का बड़ा मंच भी होगा। पार्टी का आरोप है कि संसद में नारी शक्ति वंदन विधेयक पारित न होने से महिलाओं में नाराजगी है, और यह सम्मेलन उसी भावना को अभिव्यक्त करने का अवसर बनेगा।
विकास परियोजनाओं की भी सौगात
इस दौरे को लेकर यह भी चर्चा है कि प्रधानमंत्री काशी को कई बड़ी विकास परियोजनाओं की सौगात दे सकते हैं। वर्ष 2026 में यह उनका पहला काशी दौरा होगा, ऐसे में इसे लेकर प्रशासन और संगठन दोनों ही स्तर पर खास तैयारियां की जा रही हैं।
संगठन और प्रशासन अलर्ट मोड में
कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए भाजपा संगठन के साथ-साथ प्रशासन भी पूरी तरह अलर्ट है। बैठक में कार्यक्रम की विभिन्न व्यवस्थाओं—जैसे बैठने की व्यवस्था, वाहन पार्किंग, पेयजल, मीडिया समन्वय और सुरक्षा—पर विस्तार से चर्चा की गई। क्षेत्रीय अध्यक्ष ने सभी पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपनी-अपनी टीम के साथ कार्यक्रम स्थल पर तय समय से कम से कम एक घंटे पहले पहुंचकर अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन सुनिश्चित करें, ताकि आयोजन सुचारु रूप से संपन्न हो सके।
बैठक में कई पदाधिकारी रहे मौजूद
इस बैठक में राजेश राजभर, नवरतन राठी (क्षेत्रीय मीडिया प्रभारी), अनिल श्रीवास्तव, संतोष सोलापुरकर, निर्मला सिंह पटेल, अपराजिता सोनकर, पूजा दीक्षित, संजय सोनकर, प्रवीण सिंह गौतम, सुरेश सिंह, सुरेंद्र पटेल, खुशबू सिंह, अरविंद पटेल, अरविंद पांडेय, देवेंद्र मोर्या, विनय मोर्या और शैलेंद्र मिश्रा सहित कई अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
