• Banaras Now, Varanasi
  • August 28, 2026

वाराणसी। नगर निगम का महत्वाकांक्षी “ग्रीन काशी” प्रोजेक्ट अब तेजी से जमीन पर साकार होता दिख रहा है। डोमरी (सुजाबाद) क्षेत्र में 350 बीघा में विकसित हो रहे इस विशाल मियावाकी वन का निरीक्षण महापौर अशोक कुमार तिवारी और नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने किया।

पौधों की ग्रोथ पर संतोष, संरक्षण पर जोर

निरीक्षण के दौरान लगाए गए 2.51 लाख पौधों की बेहतर जीवन दर और स्वस्थ वृद्धि को देखकर महापौर ने संतोष जताया। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि पौधों की देखभाल में किसी भी तरह की लापरवाही न बरती जाए।

भीषण गर्मी को देखते हुए ग्रीन नेट लगाने और रेनगन सिस्टम के जरिए आधुनिक सिंचाई व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

60 घाटों की थीम पर विकसित हो रहा वन

इस परियोजना की खास बात इसका सांस्कृतिक स्वरूप है। पूरे क्षेत्र को काशी के 60 ऐतिहासिक घाटों—जैसे दशाश्वमेध घाट, मणिकर्णिका घाट और अस्सी घाट—के नाम पर सेक्टरों में विभाजित किया गया है।

वन में शीशम, सागौन, अर्जुन समेत 27 देशी प्रजातियों के पौधे लगाए गए हैं, वहीं अश्वगंधा और गिलोय जैसे औषधीय पौधों को भी शामिल किया गया है।

विश्व रिकॉर्ड के बाद सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

नगर निगम ने 1 मार्च को एक घंटे में 2,51,446 पौधे रोपकर विश्व कीर्तिमान स्थापित किया था। इस हरित क्षेत्र की सुरक्षा के लिए 25 सीसीटीवी कैमरे, 20 हाईमास्ट लाइटें और 24 घंटे सुरक्षा गार्ड तैनात किए गए हैं।

पर्यावरण और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

“ग्रीन काशी” परियोजना भविष्य में शहर के लिए ऑक्सीजन का बड़ा स्रोत बनेगी। साथ ही, गंगा किनारे हरित विरासत के रूप में काशी की सुंदरता बढ़ाने के साथ यह परियोजना रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगी।

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