• Banaras Now, Varanasi
  • May 29, 2026

वाराणसी। शहर के चर्चित पर्यटन स्थल नमो घाट पर युवक की पीट-पीटकर हत्या किए जाने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दोस्तों के साथ घूमने आए 19 वर्षीय युवक की निजी सुरक्षा कर्मियों द्वारा बेरहमी से पिटाई किए जाने के बाद उसकी मौत हो गई। घटना के बाद पूरे शहर में आक्रोश का माहौल है।

पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए सिक्योरिटी एजेंसी संचालक समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास और अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।

मामूली विवाद के बाद हुई मारपीट

जानकारी के अनुसार, सोनभद्र निवासी राजेश जायसवाल उर्फ चिंटू अपने चार दोस्तों के साथ शनिवार रात वाराणसी घूमने आया था। देर रात सभी नमो घाट पहुंचे, जहां ड्यूटी पर मौजूद निजी सुरक्षाकर्मियों ने घाट बंद होने की बात कहकर उन्हें अंदर जाने से रोक दिया। इसी दौरान दोनों पक्षों में कहासुनी हो गई।

आरोप है कि विवाद बढ़ने पर कई निजी सुरक्षाकर्मी लाठी-डंडे, बेल्ट और लोहे की रॉड लेकर पहुंचे और युवकों पर हमला कर दिया। राजेश और उसके दोस्तों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया। गंभीर चोट लगने से राजेश मौके पर ही अचेत हो गया।

दोस्तों ने किसी तरह पुलिस को सूचना दी और घायल युवक को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घायल अन्य युवकों का इलाज कराया गया।

बिना सत्यापन के तैनात थे गार्ड

जांच में सामने आया कि घाट पर तैनात कई सुरक्षा कर्मियों का कोई सत्यापन रिकॉर्ड मौजूद नहीं था। पुलिस के मुताबिक, सिक्योरिटी एजेंसी संचालक ने बिना आवश्यक दस्तावेज और अनुमति के गार्डों को ड्यूटी पर लगाया था। अब एजेंसी का लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

गिरफ्तार आरोपियों में सिक्योरिटी एजेंसी संचालक अनुज सिंह समेत पवन यादव, सूरज यादव, मनीष यादव और राहुल यादव शामिल हैं। पुलिस अन्य फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

घटना के बाद नमो घाट की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लोगों में नाराजगी है। स्थानीय लोगों और पर्यटकों का कहना है कि घाट पर पहले भी मारपीट और विवाद की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था मजबूत नहीं की गई।

बताया जा रहा है कि घाट पर तैनात गार्ड प्रशिक्षित नहीं थे और उनके खिलाफ पहले भी शिकायतें सामने आ चुकी थीं। इसके बावजूद प्रशासन की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।

स्मार्ट सिटी प्रशासन ने मांगा जवाब

घटना के बाद स्मार्ट सिटी प्रशासन ने संबंधित कार्यदायी संस्था और सिक्योरिटी एजेंसी से 24 घंटे के भीतर जवाब मांगा है। साथ ही घाट पर तैनात गार्डों का रिकॉर्ड और आपराधिक इतिहास भी तलब किया गया है।

पहले भी हो चुके हैं विवाद

नमो घाट पर इससे पहले भी नाविकों और सुरक्षाकर्मियों के बीच मारपीट, जबरन नाव लगाने और पर्यटकों से अभद्रता जैसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं। लगातार हो रही घटनाओं के कारण अब घाट की सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी पर सवाल खड़े होने लगे हैं।

घटना के बाद मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है। परिजनों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

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