गाजीपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गाजीपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा और प्रदेश की कानून-व्यवस्था का ब्यौरा पेश किया। सीएम ने कहा कि ‘डबल इंजन’ की सरकार में राज्य से माफियाराज और दंगे पूरी तरह समाप्त हो चुके हैं।
‘माफिया समाज के दुश्मन, अब सलाखों के पीछे’
स्थानीय सांसद अफजाल अंसारी का नाम लिए बिना उन पर तंज कसते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जहाँ के प्रतिनिधि अवैध हथियारों के लाइसेंस बनवाने में लगे रहते थे, उस क्षेत्र का ईश्वर ही मालिक था। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा:
- माफिया किसी के सगे नहीं होते: यह समाज का शोषण करते हैं और अब इनका समय खत्म हो चुका है।
- जीरो टॉलरेंस नीति: सरकार ने पहले दिन से ही अपराधियों और उपद्रवियों को मिट्टी में मिलाने का संकल्प लिया था, जो आज पूरा हो रहा है।
- महिलाओं की सुरक्षा: राज्य में अब अपराधी और माफिया किसी बहन-बेटी की तरफ आंख उठाकर देखने से भी डरते हैं, क्योंकि उन्हें अंजाम का बखूबी अंदाजा है।
देशभक्ति और शहादत की मिसाल है गाजीपुर की धरती
मुख्यमंत्री ने जिले के गौरवशाली इतिहास और सीमाओं की रक्षा में यहाँ के वीर जवानों के योगदान को नमन किया:
- गहमर गाँव की सराहना: उन्होंने एशिया के सबसे बड़े गाँवों में शुमार ‘गहमर’ का विशेष जिक्र करते हुए कहा कि इस अकेले गाँव से 12,000 से अधिक पूर्व और वर्तमान सैनिक देश की सेवा में समर्पित हैं।
- ऐतिहासिक युद्धों में योगदान: 1961, 1965, 1971 के युद्ध हों या कारगिल युद्ध और ‘ऑपरेशन सिंदूर’—गाजीपुर के वीरों ने हर मोर्चे पर अपनी शहादत और पराक्रम का परचम लहराया है।
- वीर अब्दुल हमीद का स्मरण: सीएम ने कहा कि आजादी की लड़ाई से लेकर भारत-पाक युद्ध तक भारत माता का नाम रोशन करने वाले परमवीर चक्र विजेता वीर अब्दुल हमीद गाजीपुर की ही माटी की उपज थे।
विपक्ष पर पहचान छीनने का आरोप
योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर गाजीपुर के इतिहास को दबाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने महाराजा सुहेलदेव जैसे राष्ट्रनायकों के सम्मान में कोई कार्य नहीं होने दिया, जबकि अन्य विवादित हस्तियों के नाम पर कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहे। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार गाजीपुर के सच्चे नायकों को उनका वास्तविक सम्मान लौटाने का काम कर रही है।
