वाराणसी। मासिक अपराध समीक्षा बैठक के बाद पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल के कड़े रुख से कमिश्नरेट में हड़कंप मच गया है। शनिवार को हुई बैठक के बाद देर रात जारी तबादला सूची में जहां तीन थाना प्रभारियों को कार्य में लापरवाही के चलते लाइन हाजिर कर दिया गया, वहीं कई थानों के प्रभारियों के कार्यक्षेत्र बदल दिए गए। इसके साथ ही अवैध गतिविधियों पर सीधी कार्रवाई के लिए एक विशेष SOG टीम का भी गठन किया गया है।
पुलिस आयुक्त ने दो टूक चेतावनी दी है कि थानों में कुर्सी तभी बचेगी जब अपराध नियंत्रण, समयबद्ध विवेचना और जनता की सुनवाई में बेहतरीन परिणाम सामने आएंगे।
तीन थाना प्रभारी नपे, इन्हें मिली नई जिम्मेदारी
खराब प्रदर्शन और लापरवाही के आरोप में चौक इंस्पेक्टर दिलीप मिश्रा, राजातालाब इंस्पेक्टर दयाराम तथा फूलपुर इंस्पेक्टर राजीव कुमार सिंह को लाइन हाजिर कर दिया गया है।
थानों में नई तैनातियां:
- थाना चौक: चेतगंज के प्रभारी निरीक्षक विजय कुमार शुक्ला को कमान सौंपी गई।
- थाना फूलपुर: मंडुवाडीह थाना प्रभारी अजय राज वर्मा को नया प्रभारी बनाया गया।
- थाना मंडुवाडीह: लोहता थानाध्यक्ष दिगंबर उपाध्याय को भेजा गया।
- थाना चेतगंज: रमना चौकी प्रभारी उप निरीक्षक पवन पांडेय को प्रभार मिला।
- थाना लोहता: पुलिस कमिश्नर के मीडिया सेल प्रभारी उप निरीक्षक अभिजीत सिंह नए थानाध्यक्ष बने।
- थाना राजातालाब: उप निरीक्षक जितेन्द्र कुमार को जिम्मेदारी दी गई।
अवैध गतिविधियों पर नकेल कसने बनी SOG-2
जुआ, सट्टा, देह व्यापार, अवैध हुक्का बार और मादक पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए पुलिस कमिश्नरेट में ‘एसओजी-2’ (SOG-2) का गठन किया गया है। इस विशेष टीम का नेतृत्व उप निरीक्षक पंकज सिंह चौहान को सौंपा गया है।
वहीं राजपत्रित स्तर पर भी फेरबदल करते हुए कैंट एसीपी अपूर्व पांडेय को एसीपी साइबर क्राइम बनाया गया है, जबकि अवकाश से लौटीं एसीपी प्रज्ञा पाठक को कैंट सर्किल का प्रभार सौंपा गया है।
CUG फोन न उठाना पड़ेगा भारी, कॉल बैक अनिवार्य
पुलिस आयुक्त ने थानों में आने वाले फरियादियों के साथ शालीन और संवेदनशील रवैया अपनाने के कड़े निर्देश दिए हैं। थानों के सीयूजी (CUG) मोबाइल नंबरों को अनिवार्य रूप से रिसीव करने को कहा गया है। यदि किसी अपरिहार्य कारणवश फोन नहीं उठ पाता है, तो संबंधित व्यक्ति को अनिवार्य रूप से कॉल बैक करना होगा।
पुलिस कमिश्नर के प्रमुख दिशा-निर्देश
- समयबद्ध विवेचना: लंबित मामलों की विवेचनाएं निर्धारित समयसीमा में पूरी की जाएं।
- महिला सुरक्षा: महिलाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों पर तत्काल और कठोर कार्रवाई हो।
- लूट व स्नेचिंग पर प्रहार: चेन स्नेचिंग और लूट की घटनाओं का त्वरित पर्दाफाश कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
- अपराधियों की निगरानी: दूसरे थाना क्षेत्रों व अन्य जिलों में वारदात करने वाले अपराधियों पर नजर रखी जाए; स्थानीय अपराधी के गैर-जनपद में अपराध करने पर संबंधित थानेदार जवाबदेह होंगे।
- साइबर फ्रॉड रिकवरी: वित्तीय साइबर धोखाधड़ी के मामलों में पीड़ितों के पैसे वापस कराने पर मुख्य फोकस रहेगा।
- सुरक्षा व निगरानी: स्कूल, कॉलेज, कोचिंग संस्थान और हॉस्टलों के आसपास गश्त बढ़ाई जाए और वहां लगे सीसीटीवी कैमरों की सक्रियता की जांच की जाए।
- सघन समीक्षा: प्रत्येक दर्ज एफआईआर और गुमशुदगी के मामलों की समीक्षा अब सीधे संबंधित एसीपी करेंगे।
