वाराणसी: काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के ट्रॉमा सेंटर में एक गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है, जहां एक महिला मरीज की गलत सर्जरी कर दी गई। इस घटना ने पूरे चिकित्सा तंत्र पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बताया जा रहा है कि सर्जरी टीम में कुल 10 सदस्य मौजूद थे, इसके बावजूद कोई भी मरीज की सही पहचान नहीं कर सका।
जानकारी के अनुसार, आर्थोपेडिक विभाग में भर्ती एक महिला की जगह दूसरी महिला का ऑपरेशन कर दिया गया। सर्जरी के बाद जब परिजनों को इस बात की जानकारी हुई तो अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने पूरे प्रकरण की रिपोर्ट तलब की है।
बताया जा रहा है कि जिस महिला की सर्जरी की गई, वह असल में न्यूरोसर्जरी विभाग की मरीज थी। वहीं, जिस महिला का ऑपरेशन होना था, वह अलग वार्ड में भर्ती थी। इस बड़ी चूक के पीछे अस्पताल की लापरवाही और प्रक्रियाओं की अनदेखी को जिम्मेदार माना जा रहा है।
सर्जरी से पहले की प्रक्रिया पर उठे सवाल
आमतौर पर किसी भी मरीज की सर्जरी से पहले उसकी पहचान की पुष्टि कई स्तरों पर की जाती है। मरीज के हाथ में बैंड लगाया जाता है, जिसमें उसका नाम, उम्र और अन्य जानकारी दर्ज होती है। इसके अलावा ऑपरेशन से पहले जरूरी जांच जैसे ब्लड टेस्ट, एक्स-रे और अन्य प्रक्रियाएं भी की जाती हैं।
इसके बावजूद इस मामले में इतनी बड़ी गलती होना कई सवाल खड़े करता है। सूत्रों के मुताबिक, सर्जरी टीम में शामिल डॉक्टरों और स्टाफ ने बिना सही पहचान सुनिश्चित किए ही ऑपरेशन शुरू कर दिया।
मरीज की मौत के बाद खुला मामला
रिपोर्ट के अनुसार, सर्जरी के कुछ दिन बाद महिला की तबीयत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। इसके बाद जब पूरे मामले की जांच शुरू हुई तो गलत सर्जरी का खुलासा हुआ। इस घटना के बाद परिजनों में आक्रोश है और उन्होंने जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
जांच में सामने आ सकती है सच्चाई
जिला प्रशासन ने अस्पताल प्रशासन से पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। साथ ही सर्जरी से जुड़े सभी दस्तावेजों की जांच की जा रही है। माना जा रहा है कि जांच के बाद इस पूरे मामले में कई चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं।
अधिकारियों का कहना है कि दोषी पाए जाने पर संबंधित डॉक्टरों और स्टाफ के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल यह मामला स्वास्थ्य व्यवस्था में लापरवाही का एक बड़ा उदाहरण बनकर सामने आया है।
प्रशासन सख्त, कार्रवाई की तैयारी
इस घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे।
यह मामला न केवल अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाता है, बल्कि मरीजों की सुरक्षा और विश्वास को भी प्रभावित करता है। अब सभी की नजरें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे इस गंभीर लापरवाही की पूरी सच्चाई सामने आ सके।
