लखनऊ। उत्तर प्रदेश आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपनी रणनीतिक बिसात बिछाना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में राजधानी लखनऊ में आगामी 3 और 4 जुलाई को भाजपा की एक बेहद महत्वपूर्ण और बड़ी बैठक आयोजित होने जा रही है। इस हाई-प्रोफाइल बैठक की कमान भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन और राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन) बी.एल. संतोष संभालेंगे।
बैठक का मुख्य एजेंडा उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की अचूक रणनीति तैयार करना है। इसके साथ ही, संगठनात्मक फेरबदल और आगामी राष्ट्रीय टीम में उत्तर प्रदेश के प्रतिनिधित्व को मजबूत करने पर भी गहन चर्चा होगी।
राष्ट्रीय टीम में बढ़ेगा यूपी का दबदबा !
हाल ही में प्रदेश संगठन के गठन के बाद अब भाजपा की राष्ट्रीय इकाई में उत्तर प्रदेश से नए चेहरों को शामिल करने की सुगबुगाहट तेज हो गई है। माना जा रहा है कि इस दो दिवसीय बैठक के दौरान राष्ट्रीय टीम में शामिल होने वाले यूपी के संभावित पदाधिकारियों के नामों पर अंतिम मुहर लग सकती है। भाजपा संगठन से लेकर केंद्र सरकार के संभावित मंत्रिमंडल विस्तार तक में यूपी की भागीदारी बढ़ाने की पुरजोर तैयारी में है।
नितिन नबीन की टीम में युवाओं को तरजीह
सूत्रों के मुताबिक, राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की नई टीम में उत्तर प्रदेश से कुल 10 चेहरों को जगह मिल सकती है। इनमें 2 राष्ट्रीय महामंत्री, 3 राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और 5 अन्य महत्वपूर्ण पद शामिल हो सकते हैं।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि इस बार पार्टी कुछ पुराने चेहरों की जगह नए और युवा कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ा सकती है। वर्तमान में उत्तर प्रदेश से राधा मोहन दास अग्रवाल और अरुण सिंह राष्ट्रीय महामंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं, जबकि पूर्व प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेई, पूर्व सांसद रेखा वर्मा और एएमयू (AMU) के पूर्व कुलपति तारिक मंसूर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के पद पर हैं। इनके अलावा राज्यसभा सदस्य सुरेंद्र नागर राष्ट्रीय मंत्री और राजेश अग्रवाल कोषाध्यक्ष की भूमिका में हैं। माना जा रहा है कि राधा मोहन अग्रवाल, अरुण सिंह और लक्ष्मीकांत वाजपेई की जगह नए चेहरों को आजमाया जा सकता है।
इन नामों पर टिकी हैं सबकी निगाहें
भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम में शामिल होने के लिए उत्तर प्रदेश से कई कद्दावर और युवा नेताओं के नाम रेस में चल रहे हैं। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
पूर्व मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह, पूर्व सांसद हरीश द्विवेदी, राज्यसभा सदस्य अमरपाल मौर्या, पूर्व सांसद विनोद सोनकर, नोएडा से विधायक पंकज सिंह, श्रीकांत शर्मा, एमएलसी अश्वनी त्यागी, अशोक कटारिया, गोविंद नारायण शुक्ला और संतोष सिंह। लखनऊ की इस बैठक के बाद यह पूरी तरह साफ हो जाएगा कि दिल्ली के संगठन और आगामी चुनावों की कमान यूपी के किन सूरमाओं के हाथों में सौंपी जा रही है।
