वाराणसी। डिजिटल युग में अपराध (Cyber Fraud) का एक ऐसा खौफनाक चेहरा सामने आया है जिसने पुलिस और जनता दोनों को झकझोर कर रख दिया है। वाराणसी के रोहनिया थाना क्षेत्र में एक किराना व्यवसायी, जितेंद्र पटेल की हत्या सिर्फ इसलिए कर दी गई ताकि उनके बैंक खाते से ₹26 लाख लूटे जा सकें। पूर्वांचल के इतिहास में साइबर अपराध के लिए दी गई इस तरह की यह पहली लाइव मर्डर की वारदात है। हालांकि, पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए अत्याधुनिक सर्विलांस और लगभग 2,000 सीसीटीवी कैमरों की मदद से इस पूरे हत्याकांड की गुत्थी सुलझा ली है।
पकड़े गए आरोपियों की उम्र महज 19 से 23 वर्ष के बीच है। पूछताछ में खुलासा हुआ कि इन युवाओं ने ‘जामताड़ा’ वेब सीरीज देखकर कम समय में अमीर बनने का शॉर्टकट अपनाया था। गिरोह का मास्टरमाइंड आयुष पटेल पहले एक डिजिटल पेमेंट कंपनी (पेटीएम) में एजेंट के रूप में काम करता था। लगभग छह महीने पहले, जितेंद्र पटेल की दुकान पर केवाईसी (KYC) अपडेट करने के बहाने आयुष ने उनके खाते में ₹26 लाख की बड़ी रकम देख ली थी। वहीं से उसने अपने साथियों गियांशु, सुशील, अमन और मनीष के साथ मिलकर इस खूनी साजिश का ताना-बाना बुना।

बीती 8 जून की रात, जब जितेंद्र अपनी दुकान बंद कर घर लौट रहे थे, तब घात लगाए बैठे बदमाशों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। अपराधियों का इरादा उनका मोबाइल फोन छीनकर पूरी रकम ऑनलाइन ट्रांसफर करने का था। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी पुलिस को गुमराह करने के लिए ग्रामीण रास्तों से होते हुए फरार हो गए।
पुलिस ने जांच के लिए 50 जवानों की एक विशेष टीम गठित की। सीसीटीवी फुटेज खंगालते समय पुलिस को एक संदिग्ध ऑरा कार और रोनिन बाइक दिखाई दी। कार के नंबर के आधार पर जब पहली गिरफ्तारी हुई, तो कड़ियां जुड़ती चली गईं। रविवार की रात रोहनिया पुलिस और एसओजी की संयुक्त कार्रवाई में हुई एक मुठभेड़ के बाद सभी पांचों आरोपियों को दबोच लिया गया, जिसमें दो आरोपी पैर में गोली लगने से घायल भी हुए।
बुजुर्गों को बनाते थे निशाना
यह गिरोह मुख्य रूप से उन बुजुर्ग दुकानदारों को अपना शिकार बनाता था जो तकनीकी रूप से ज्यादा समझदार नहीं होते थे। केवाईसी के बहाने उनके फोन लेकर ये शातिर अलग-अलग ऐप से लोन पास करवा लेते थे और बाद में उस पैसे से सर्राफा दुकानों पर ऑनलाइन भुगतान कर सोना खरीद लेते थे। पुलिस ने इनके पास से ₹1.78 लाख नकद, हथियार, 20 मोबाइल फोन, एटीएम मशीनें और कई सिम कार्ड बरामद किए हैं। इस बड़ी कामयाबी पर पुलिस कमिश्नर ने जांच टीम को ₹1 लाख का इनाम देने की घोषणा की है।
