बलिया: उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में धार्मिक स्थलों और रिहायशी मकानों में सिलसिलेवार चोरियां कर खौफ पैदा करने वाले ‘कन्हैया राम गिरोह’ पर पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। जिला मजिस्ट्रेट से हरी झंडी मिलने (गैंगचार्ट मंजूर होने) के बाद, नगरा थाना पुलिस ने इस संगठित गिरोह के सरगना समेत कुल आठ सदस्यों के खिलाफ उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम (गैंगस्टर एक्ट) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले की कमान अब पुलिस उपाधीक्षक रजनीश कुमार यादव संभाल रहे हैं।
दहशत का पर्याय बने गिरोह के इन सदस्यों पर हुई कार्रवाई
थानाध्यक्ष संजय मिश्र के मुताबिक, इस शातिर गिरोह की कमान भीमपुरा थाना क्षेत्र के चरउवा निवासी कन्हैया राम (50 वर्ष) के हाथों में है। इसके अलावा गिरोह में शामिल अन्य सात मुख्य गुर्गों को भी इस मामले में नामजद किया गया है:
- उमेश कुमार राजभर (45 वर्ष)
- बबूल राम (31 वर्ष)
- बलवंत कुमार (32 वर्ष)
- जगदीश ठाकुर उर्फ गुड्डू (37 वर्ष)
- संजय राम उर्फ डॉक्टर (45 वर्ष)
- अवधेश वर्मा (48 वर्ष)
- चंदन राम (34 वर्ष)
गवाही देने से भी कतराते थे लोग
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, यह गिरोह काफी समय से एक सिंडिकेट की तरह काम कर रहा था। इनका मुख्य काम सूने घरों और आस्था के केंद्रों (मंदिरों) में रेकी कर बड़ी चोरियां व नकबजनी की वारदातों को अंजाम देना था। इस अवैध काम से गिरोह ने मोटी काली कमाई जमा कर ली थी। इलाके में इस गैंग का इस कदर रसूख और डर था कि कोई भी आम नागरिक इनके खिलाफ आवाज उठाने या अदालतों में गवाही देने का साहस नहीं जुटा पाता था। इसी खौफ को तोड़ने के लिए पुलिस ने पुख्ता सबूत जुटाकर इनका गैंगचार्ट तैयार किया था।
दिसंबर 2025 से जनवरी 2026 के बीच मचाया था कोहराम
इस गिरोह ने मलप हरसेनपुर गांव के एक घर को निशाना बनाने के साथ-साथ सुपापाली और छाता सेमरी के प्रसिद्ध मंदिरों में भी हाथ साफ किया था। बैक-टू-बैक हुई इन चोरियों के बाद पुलिस टीमों ने कार्रवाई करते हुए मार्च और अप्रैल 2026 में इन सभी 8 आरोपियों को दबोचकर सलाखों के पीछे भेज दिया था।संपत्ति भी हो सकती है कुर्क
फिलहाल सभी आरोपी जेल में बंद हैं, लेकिन गैंगस्टर एक्ट लगने के बाद अब इनकी मुश्किलें और ज्यादा बढ़ने वाली हैं। इस कानून के तहत आने वाले समय में पुलिस अपराध के जरिए अर्जित की गई इनकी अवैध संपत्तियों को भी जब्त (कुर्क) करने की तैयारी कर सकती है। स्थानीय पुलिस प्रशासन का साफ कहना है कि जिले में सक्रिय किसी भी संगठित क्रिमिनल सिंडिकेट को बख्शा नहीं जाएगा और आगे भी ऐसी ही सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
