वाराणसी। द्वादश ज्योतिर्लिंगों में सबसे प्रमुख श्री काशी विश्वनाथ मंदिर (Shri Kashi Vishwanath Temple) में आगामी श्रावण मास को लेकर व्यापक और चाक-चौबंद तैयारियां शुरू हो गई हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कड़े निर्देशों के बाद मंदिर प्रशासन, जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने संयुक्त रूप से कमर कस ली है। मंगलवार को वाराणसी के आला अधिकारियों की मौजूदगी में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक संपन्न हुई, जिसका मुख्य उद्देश्य देश-विदेश से आने वाले लाखों कांवड़ियों और शिवभक्तों को सुरक्षित, सुगम और निर्बाध दर्शन की व्यवस्था उपलब्ध कराना है।
इस वर्ष महादेव का सबसे प्रिय महीना सावन 30 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त को समाप्त होगा। इस बार सावन के दौरान पूरे एक महीने काशी पूरी तरह शिवभक्तों के रंग में रंगी नजर आएगी। मंदिर न्यास के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण मिश्र ने बताया कि श्रावण मास के प्रत्येक सोमवार को बाबा विश्वनाथ का उनके अलग-अलग दिव्य और अलौकिक स्वरूपों में विशेष श्रृंगार किया जाएगा। यह अद्भुत नजारा भक्तों को एक अनोखी आध्यात्मिक अनुभूति प्रदान करेगा।

श्री काशी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, सावन के चारों सोमवार को बाबा के विभिन्न रूपों के दर्शन होंगे। 03 अगस्त को पहले सोमवार के दिन बाबा का ‘श्री शंकर स्वरूप’ श्रृंगार किया जाएगा। इसके बाद 10 अगस्त को दूसरे सोमवार को ‘गौरी-शंकर’ (शंकर-पार्वती) रूप, 17 अगस्त को तीसरे सोमवार को ‘अर्धनारीश्वर’ रूप और 24 अगस्त को चौथे व अंतिम सोमवार को बाबा का अलौकिक ‘रुद्राक्ष श्रृंगार’ किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, सावन के समापन के ठीक पहले 27 अगस्त को पूर्णिमा के पावन अवसर पर वार्षिक ‘झूला श्रृंगार’ का भव्य आयोजन होगा।
भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा को लेकर योगी सरकार बेहद गंभीर है। सावन में उमड़ने वाले जनसैलाब को देखते हुए जिग-जैग रेलिंग, अतिरिक्त बैरिकेडिंग, जगह-जगह चिकित्सा सहायता शिविर, ओआरएस-पेयजल की मुकम्मल व्यवस्था और स्वच्छता पर विशेष फोकस किया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा और सेवा के इस मजबूत गठजोड़ से हर शिवभक्त बिना किसी असुविधा के बाबा धाम में जलाभिषेक कर सकेगा।
