वाराणसी: काशी की पावन धरा पर भारत और जापान के ऐतिहासिक संबंधों को उस समय नया विस्तार मिला, जब जापान के दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे की स्मृतियों को समर्पित ‘शिंजो आबे मेमोरियल कॉरिडोर’ का लोकार्पण किया गया। रुद्राक्ष अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में आयोजित इस गरिमामय समारोह में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और शिंजो आबे की धर्मपत्नी अकी आबे ने संयुक्त रूप से कॉरिडोर का उद्घाटन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी ने अकी आबे को स्मृति चिह्न भेंट कर उनका स्वागत व अभिनंदन किया।

लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए अकी आबे अपने पति और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मीय व भावनात्मक संबंधों को याद कर भावुक हो उठीं। उन्होंने इस सम्मान के लिए प्रधानमंत्री मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भारत की जनता का आभार जताया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2015 में जब शिंजो आबे काशी आए थे और गंगा आरती में शामिल हुए थे, तभी से उनकी भी यहाँ आने की प्रबल इच्छा थी, जो आज पूरी हुई। अकी आबे ने काशी और क्योटो के ऐतिहासिक साम्य का उल्लेख करते हुए बताया कि रुद्राक्ष सेंटर की बाहरी दीवारों पर लगे 108 प्रतीकात्मक रुद्राक्ष जापानी संस्कृति के लिए भी बेहद पवित्र हैं, जहाँ वर्ष के अंतिम दिन बौद्ध मंदिरों में 108 बार घंटियाँ बजाकर मानवीय क्लेशों से मुक्ति की प्रार्थना की जाती है।

समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भगवान विश्वनाथ और तथागत बुद्ध के प्रथम उपदेश की यह भूमि दोनों देशों के सामरिक, कूटनीतिक और सांस्कृतिक संबंधों की साक्षी है। उन्होंने शिंजो आबे को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि भारत के बुनियादी ढांचे, तकनीक, हाई-स्पीड रेल (बुलेट ट्रेन), विभिन्न मेट्रो नेटवर्क और सेमीकंडक्टर क्षेत्र के विकास में जापान देश का सबसे विश्वसनीय साझेदार रहा है। मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में 500 एकड़ में ‘जापान सिटी’ बसाई जा रही है, तथा जापानी निवेशकों के सहयोग के लिए ‘इन्वेस्ट यूपी’ में समर्पित ‘यामानाशी डेस्क’ के साथ ग्रीन हाइड्रोजन पायलट प्रोजेक्ट पर तेजी से कार्य चल रहा है।
मुख्यमंत्री ने उल्लेख किया कि वर्ष 2027 में भारत और जापान के राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष पूरे होने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भगवान बुद्ध से जुड़े सारनाथ, कुशीनगर, श्रावस्ती, कपिलवस्तु, कौशांबी और संकिसा जैसे पावन स्थल उत्तर प्रदेश में हैं, जिससे जापान की आध्यात्मिक आस्था का मार्ग भी सीधे यूपी से होकर गुजरता है। उल्लेखनीय है कि रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर का निर्माण जापान के सहयोग से हुआ था और इसका लोकार्पण 2021 में प्रधानमंत्री मोदी ने किया था। नए बने इस कॉरिडोर में दिसंबर 2015 की उन ऐतिहासिक तस्वीरों को संजोया गया है, जब शिंजो आबे ने पीएम मोदी के साथ काशी के घाट पर गंगा आरती का दर्शन किया था।
इस अवसर पर राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रवीन्द्र जायसवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्य, महापौर अशोक कुमार तिवारी, कैंट विधायक सौरभ श्रीवास्तव सहित जापान का उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल और बड़ी संख्या में स्थानीय गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
