वाराणसी। कफ सिरप से जुड़े मामले में अदालत के निर्देशों की अनदेखी करने पर रोहनिया थाने में शुभम जायसवाल के खिलाफ मंगलवार रात मुकदमा दर्ज किया गया। अदालत ने उसे 31 मार्च तक पेश होने का आदेश दिया था। इसके बावजूद वह हाजिर नहीं हुआ, जबकि उसके संभावित ठिकानों पर कुर्की की नोटिस भी चस्पा की जा चुकी थी। अब पुलिस द्वारा उसे भगोड़ा घोषित करने की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।
दूसरी ओर, हवाला कारोबारी वैभव जायसवाल को कोतवाली पुलिस ने कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। बताया जा रहा है कि वैभव, शुभम का करीबी है और उसने हवाला के जरिए भारी रकम का लेन-देन किया है।
कोर्ट के आदेश की अवहेलना पर रोहनिया थाने में केस दर्ज
कोडीन युक्त कफ सिरप की तस्करी के कथित सरगना काशीराम टोला निवासी शुभम जायसवाल की तलाश में कमिश्नरेट पुलिस लगातार प्रयास कर रही है। उसके दुबई में छिपे होने की आशंका के चलते रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी किया गया है।
जांच में सामने आया है कि शुभम ने एक सिंडिकेट के जरिए शराब के कारोबार में निवेश किया था। वाराणसी में उसकी छह शराब की दुकानें उसके सहयोगियों के नाम पर संचालित बताई जा रही हैं। पूछताछ के दौरान वैभव ने कई अहम जानकारियां दी हैं। पुलिस को उसके घर से लगभग 22 लाख रुपये नकद मिलने की भी सूचना है। वहीं, जगमगाही क्षेत्र में उसका एक आलीशान होटल भी हाल ही में तैयार हुआ है।
अमित टाटा और अमित यादव की पेशी टली
वाराणसी। कफ सिरप मामले में लखनऊ जेल में बंद अमित सिंह टाटा और अमित यादव को मंगलवार को अदालत में पेश नहीं किया जा सका। इसकी वजह समय पर वारंट ‘बी’ का तामील न होना बताया गया है। संभावना है कि अगली बार उनकी पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कराई जाएगी।
कोडीन युक्त कफ सिरप की बरामदगी और तस्करी से जुड़े इस मामले में कोतवाली पुलिस दोनों आरोपियों को वारंट बी के तहत जिला जज एफटीसी (14वां वित्त आयोग) मनोज कुमार की अदालत में पेश करने वाली थी। इसके लिए प्रार्थना पत्र भी दाखिल किया गया था। अदालत ने सुनवाई के बाद दोनों आरोपियों को 31 मार्च को तलब किया था, लेकिन पेशी नहीं हो सकी।
