• Banaras Now, Varanasi
  • October 22, 2026

वाराणसी। कला, साहित्य और संगीत के क्षेत्र में सक्रिय जानी-मानी पार्श्व गायिका एवं नाद फाउंडेशन की संस्थापक निशी सिंह अब लोक संगीत की दुनिया में दस्तक देने जा रही हैं। पूर्वी उत्तर प्रदेश की समृद्ध संस्कृति और माटी की खुशबू से सजा उनका नया लोकगीत “लागा का मोरा मनवा” देश के प्रतिष्ठित म्यूजिक लेबल टी-सीरीज़ के बैनर तले रिलीज़ होने जा रहा है। इस नए लोकगीत की सफलता की कामना के साथ बाबा काशी विश्वनाथ का दर्शन-पूजन करने पहुंचीं निशी सिंह ने दुर्गाकुंड स्थित एकेएस पैलेस में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान यह जानकारी साझा की।

एक स्थापित प्लेबैक और स्टेज सिंगर के रूप में निशी सिंह इससे पहले भी टी-सीरीज़ के साथ मिलकर कई लोकप्रिय गीत दे चुकी हैं। उनके गाए हिंदी-पंजाबी गीत ‘सोणिया मन मोणिया’ को श्रोताओं का भरपूर स्नेह मिला, जबकि अभिनेता मनीष पॉल के अभिनय से सजे दर्द भरे गीत ‘दर्द कितना है’ को भी व्यापक लोकप्रियता हासिल हुई। पार्श्व गायन और ग़ज़ल के बाद अब पूर्वी लोक संगीत के पारंपरिक रंगों को स्वर देना उनकी बहुआयामी कला साधना का एक नया पहलू उजागर करता है।

निशी सिंह देश के कई प्रतिष्ठित राष्ट्रीय एवं सांस्कृतिक मंचों पर अपनी प्रस्तुतियों से पहचान बना चुकी हैं। उन्होंने आगरा के ताज महोत्सव में लगातार कई बार मंच साझा किया है। इसके अलावा प्रयागराज महाकुंभ के मुख्य ‘गंगा मंच’, अर्धकुंभ, अलीगढ़ महोत्सव, चंडीगढ़ रोज़ फेस्टिवल, रामपुर हुनर हाट, दमन-दीव बीच फेस्टिवल तथा दिल्ली के साहित्यिक उत्सव ‘जश्न-ए-अदब’ में उनके भजनों, सूफी गायन और ग़ज़लों को दर्शकों की विशेष सराहना मिली है।

गायन के साथ-साथ निशी सिंह एक चित्रकार, कवयित्री और सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में भी सक्रिय हैं। कला एवं सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण के उद्देश्य से उन्होंने ‘नाद फाउंडेशन’ की स्थापना की है, जिसके तहत दिल्ली के उद्यमी विनोद सुनेजा के सहयोग से नाटक, संगीत संध्या और सांस्कृतिक आयोजन कराए जाते हैं। इसके अतिरिक्त वह शिक्षा क्षेत्र के ‘प्रूडेंस स्कूल ग्रुप’ के प्रबंधन से जुड़ी हैं और ‘संस्कार भारती’ के माध्यम से भी सांस्कृतिक गतिविधियों में निरंतर सहयोग दे रही हैं।

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