वाराणसी: चौबेपुर थाना क्षेत्र के चंद्रावती गांव के पास उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब गंगा नदी के किनारे तैरती हुई कफ सिरप की 345 बोतलें बरामद हुईं। नदी तट पर मौजूद स्थानीय ग्रामीणों की नजर जब पानी में बह रही 100 एमएल क्षमता की इन शीशियों पर पड़ी, तो उन्होंने तुरंत इन्हें बाहर निकालकर चौबेपुर पुलिस को सूचित किया।
खबर मिलते ही स्थानीय पुलिस टीम मौके पर पहुंची और दवाओं की पूरी खेप को अपने नियंत्रण में ले लिया।
ड्रग विभाग की टीम ने शुरू किया निरीक्षण
घटना की जानकारी मिलते ही खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) की टीम भी स्थल पर पहुंच गई। ड्रग इंस्पेक्टर चंद्रेश द्विवेदी और जुनाब अली ने पुलिस बल के साथ बरामद ‘फेयरडील’ ब्रांड की कफ सिरप की बोतलों की प्राथमिक जांच की और विधिक कार्यवाही शुरू कर दी।
जांच अधिकारियों का क्या कहना है?
- पुलिस का अनुमान: प्रभारी निरीक्षक अनिल कुमार शर्मा के अनुसार, शुरुआती तौर पर ऐसा लग रहा है कि किसी अज्ञात व्यक्ति या गिरोह ने पकड़े जाने के डर से दवाओं का यह जत्था नदी में प्रवाहित कर दिया था, जो बहते हुए चंद्रावती गांव के किनारे आ लगा।
- सख्त कार्रवाई के निर्देश: ड्रग इंस्पेक्टर चंद्रेश द्विवेदी ने स्पष्ट किया कि प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार नशीली व अवैध दवाओं के कारोबार पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। संभवतः इसी प्रशासनिक सख्ती और छापेमारी के भय से आरोपी ने यह कदम उठाया।
आगे की कार्रवाई
पुलिस ने शीशियां बाहर निकालने वाले ग्रामीणों के बयान दर्ज कर लिए हैं। फिलहाल औषधि विभाग और पुलिस संयुक्त रूप से दवा की वैधता, बैच नंबर, निर्माण और वितरण शृंखला से जुड़े दस्तावेजों को खंगाल रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद दोषियों के खिलाफ औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
