• Banaras Now, Varanasi
  • April 18, 2026

वाराणसी। उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक राजधानी वाराणसी में हिन्दू जनजागृति समिति ने बहुराष्ट्रीय कंपनियों (MNCs) के भीतर हिंदू महिला कर्मचारियों के साथ हो रहे कथित उत्पीड़न और धार्मिक भेदभाव के विरुद्ध मोर्चा खोल दिया है। समिति ने नासिक (महाराष्ट्र) की एक प्रतिष्ठित कंपनी में सामने आए गंभीर मामलों का हवाला देते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राष्ट्रीय महिला आयोग को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी श्री सत्येन्द्र कुमार को सौंपा।

क्या है पूरा मामला?

समिति के अनुसार, नासिक की एक कंपनी में पिछले चार वर्षों से हिंदू महिला कर्मचारियों को यौन उत्पीड़न, जबरन धर्मांतरण के दबाव, गोमांस (बीफ) खाने के लिए मजबूर करने और नमाज जैसी धार्मिक गतिविधियों में शामिल होने के लिए विवश करने की चौंकाने वाली घटनाएं सामने आई हैं। समिति ने इसे संगठित ‘कॉर्पोरेट जिहाद’ करार देते हुए राज्य की सभी आईटी और बहुराष्ट्रीय कंपनियों के ‘सुरक्षा और धार्मिक भेदभाव विरोधी ऑडिट’ की मांग की है।

ज्ञापन में की गई प्रमुख मांगें:

हिन्दू जनजागृति समिति ने इस विषय पर चार सूत्रीय मांगें रखी हैं:

  • SIT जांच की मांग: पूरे मामले की जांच सीआईडी (CID) के अनुभवी अधिकारियों की विशेष जांच दल (SIT) द्वारा समयबद्ध तरीके से की जाए। जांच का दायरा केवल यौन उत्पीड़न तक सीमित न रहकर ‘लव जिहाद’ और ‘संगठित कॉर्पोरेट अपराध’ के कोणों तक विस्तारित हो।
  • भर्ती प्रक्रिया का ऑडिट: कंपनियों की भर्ती (Recruitment) प्रक्रिया की जांच हो ताकि यह स्पष्ट हो सके कि क्या किसी विशिष्ट समुदाय को लाभ देकर हिंदू महिलाओं को लक्षित करने की नीति अपनाई जा रही है।
  • प्रबंधन पर कार्रवाई: जिन कंपनियों ने आंतरिक शिकायत समिति (ICC) को निष्क्रिय रखा या शिकायतों को दबाया, उनके CEO और बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स पर ‘आपराधिक लापरवाही’ का मामला दर्ज हो।
  • राष्ट्रीय महिला आयोग का हस्तक्षेप: NCW इस मामले में स्वतः संज्ञान (Suo-moto) ले और देश भर की MNCs के लिए नई ‘अनुपालन मार्गदर्शिका’ (Compliance Guidelines) जारी करे।

प्रतिनिधिमंडल में ये रहे शामिल

ज्ञापन सौंपते समय वाराणसी व्यापार मंडल के अध्यक्ष अजीत सिंह बग्गा, महामंत्री कवींद्र जायसवाल, चौरसिया व्यापार मंडल के अध्यक्ष सुनील चौरसिया, और राष्ट्रभक्त अधिवक्ता समिति के संयोजक अधिवक्ता अरुण कुमार मौर्य उपस्थित रहे। इनके साथ ही अधिवक्ता संजीवन यादव, अवनीश राय, सुनील गुप्ता और समिति के राजन केशरी ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

विश्वनाथ कुलकर्णी (राज्य समन्वयक, उत्तर प्रदेश एवं बिहार) ने स्पष्ट किया कि कार्यस्थलों पर हिंदू महिलाओं की सुरक्षा और उनके धार्मिक अधिकारों की रक्षा के लिए समिति इस संघर्ष को निर्णायक मोड़ तक ले जाएगी।

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