वाराणसी: मंडुआडीह पुलिस ने लखनऊ के एक शराब कारोबारी की शिकायत पर जेल में बंद आरोपी वैभव जायसवाल, उसकी मां और पत्नी के खिलाफ बंधक बनाने, मारपीट और जानलेवा हमले का केस दर्ज किया है। पीड़ित का आरोप है कि फर्म का बकाया 8 लाख रुपये से अधिक का भुगतान मांगने पर उसे निशाना बनाया गया और कफ सिरप सिंडिकेट से जुड़े वांछित माफिया शुभम जायसवाल के नाम पर धमकाया गया।
सप्लाई का बकाया दबाने का आरोप
लखनऊ स्थित फर्म ‘बी हाइव एन्क्लेव एलएलपी’ के संचालक अरविंद कुमार जायसवाल के मुताबिक, उनकी कंपनी वाराणसी में शराब सप्लाई का काम करती है। इसी सिलसिले में राधिका जायसवाल और शिवांगी जायसवाल की फर्मों को नियमित माल भेजा जाता था। शुरुआत में लेनदेन ठीक रहा, लेकिन बाद में दोनों पक्षों की ओर से कुल 8,66,845 रुपये (शिवांगी की फर्म पर 2.66 लाख और राधिका की फर्म पर 6 लाख रुपये) का भुगतान रोक लिया गया।
तकादा करने पर राधिका के बेटे और शिवांगी के पति वैभव जायसवाल ने पैसे देने से इनकार करते हुए कोडीन सिरप तस्करी के मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल के नाम पर जान से मारने की धमकी दी।
पैसे के बहाने बुलाकर किया हमला
तहरीर के अनुसार, बीते 25 मार्च को वैभव ने अरविंद को बकाया रकम निपटाने के बहाने चौकाघाट बुलाया। अरविंद का आरोप है कि वहां वैभव, उसकी मां और पत्नी पहले से मौजूद थे। बातचीत के दौरान आरोपियों ने उन्हें बंधक बनाकर बुरी तरह पीटा। किसी तरह जान बचाकर भागने पर उन पर फायरिंग की गई, जिसमें वे बाल-बाल बच गए।
बीएनएस की गंभीर धाराओं में केस दर्ज
थानाध्यक्ष दिगंबर उपाध्याय ने बताया कि पीड़ित की तहरीर के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) [धोखाधड़ी], 115(2) [स्वेच्छा से चोट पहुंचाना], 351(3) [आपराधिक धमकी], 127(2) [गलत तरीके से बंधक बनाना] और 109(1) [हत्या के प्रयास] के तहत केस दर्ज किया गया है। आरोपी वैभव जायसवाल पहले से ही कफ सिरप सिंडिकेट मामले में जेल में बंद है, जबकि फरार चल रहीं उसकी मां और पत्नी की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।