वाराणसी: थाना कैंट कमिश्नरेट क्षेत्र स्थित कचहरी परिसर में सोमवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक महिला अचानक एसीजेएम-06 की अदालत में पहुंच गई और कुछ अधिवक्ताओं से विवाद …
वाराणसी: थाना कैंट कमिश्नरेट क्षेत्र स्थित कचहरी परिसर में सोमवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक महिला अचानक एसीजेएम-06 की अदालत में पहुंच गई और कुछ अधिवक्ताओं से विवाद करने लगी। सूचना मिलते ही परिसर में तैनात सुरक्षाकर्मी मौके पर पहुंचे और महिला को हिरासत में लेकर थाना कैंट ले जाया गया।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में महिला की पहचान रेखा देवी पत्नी महिंदर पटेल निवासी ग्राम बेनीपुर चंगवार, थाना मिर्जामुराद के रूप में हुई। बताया गया कि उसके दो बच्चे हैं। पुलिस ने बताया कि महिला की मानसिक स्थिति सामान्य नहीं है। थाना मिर्जामुराद के प्रभारी निरीक्षक से संपर्क करने पर जानकारी मिली कि वह अक्सर इधर-उधर घूमती रहती है और लोगों से विवाद करती रहती है।
पुलिस का कहना है कि महिला ने न्यायालय के प्रति किसी प्रकार की अभद्रता नहीं की। हालांकि परिसर में दो अधिवक्ताओं से गाली-गलौज और हाथापाई की स्थिति बनने पर न्यायालय सुरक्षा में तैनात महिला कर्मियों के सहयोग से उसे थाने लाया गया।
फिलहाल पुलिस द्वारा आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।
नोएडा। पाकिस्तान से भारत आईं सीमा हैदर ने एक बार फिर बेटे को जन्म दिया है। मंगलवार को नोएडा के एक निजी अस्पताल में उनकी डिलीवरी हुई। यह उनका छठा बच्चा …
नोएडा। पाकिस्तान से भारत आईं सीमा हैदर ने एक बार फिर बेटे को जन्म दिया है। मंगलवार को नोएडा के एक निजी अस्पताल में उनकी डिलीवरी हुई। यह उनका छठा बच्चा है।
जानकारी के अनुसार, करीब 11 महीने पहले उन्होंने एक बेटी को जन्म दिया था। इससे पहले उनके चार बच्चे पाकिस्तान में उनके पहले पति से हैं। वहीं उनके भारतीय पति सचिन मीणा से यह उनका दूसरा बच्चा है।
चिकित्सकों ने बताया कि सामान्य प्रसव के बाद मां और नवजात दोनों स्वस्थ हैं। शाम को अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद सीमा अपने पति के साथ रबूपुरा स्थित आवास पहुंचीं, जहां परिवार और पड़ोसियों ने उनका स्वागत किया।
सचिन के परिजनों ने इस खुशी के मौके पर मिठाइयां बांटकर जश्न मनाया। परिवार के करीबी सूत्रों के अनुसार, डॉक्टरों ने मां और शिशु की सेहत को ध्यान में रखते हुए जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दी है।
उल्लेखनीय है कि सीमा हैदर वर्ष 2023 से रबूपुरा में सचिन मीणा के साथ रह रही हैं। दोनों की कहानी पहले भी सुर्खियों में रही है। यह दंपती सोशल मीडिया पर सक्रिय है और इनके यूट्यूब चैनल को 20 लाख से अधिक लोग फॉलो करते हैं।
वाराणसी। जिलाधिकारी सत्येन्द्र कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में मुख्यमंत्री डैशबोर्ड एवं विभिन्न निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने सभी …
वाराणसी। जिलाधिकारी सत्येन्द्र कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में
मुख्यमंत्री डैशबोर्ड एवं विभिन्न निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में जिलाधिकारी ने सभी विभागीय अधिकारियों को अपने-अपने विभाग की योजनाओं की नियमित
समीक्षा करने तथा डैशबोर्ड पर रैंकिंग में सुधार लाने के निर्देश दिए।
जिन विभागों की मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर ‘सी’ और ‘डी’ रैंकिंग है, उनके संबंधित अधिकारियों
को विशेष रूप से प्रदर्शन सुधारने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि सरकार द्वारा
संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सभी पात्र लाभार्थियों तक हर हाल में पहुंचना चाहिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि योजनाओं के क्रियान्वयन एवं निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की
लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण
ढंग से पूरा किया जाए।
समय सीमा, अतिरिक्त बजट और मॉनिटरिंग पर विशेष जोर
निर्माण कार्यों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि जो परियोजनाएं समय
सीमा के अंतर्गत हैं, उन्हें तेजी से
वाराणसी। महाशिवरात्रि के अवसर पर काशी स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर में अव्यवस्था और दुर्व्यवहार के आरोपों को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। मंदिर न्यास से संबद्ध एसडीएम शंभू शरण पर …
वाराणसी। महाशिवरात्रि के अवसर पर काशी स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर में अव्यवस्था और दुर्व्यवहार के आरोपों को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। मंदिर न्यास से संबद्ध एसडीएम शंभू शरण पर श्रद्धालुओं के साथ अभद्र भाषा के प्रयोग और दुर्व्यवहार करने के आरोप लगाए गए हैं। दर्शनार्थियों का कहना है कि गर्भगृह के प्रवेश द्वार पर उनके साथ अपमानजनक व्यवहार किया गया।
इस संबंध में भक्तों ने मंडलायुक्त एस. राजलिंगम और जिलाधिकारी सत्येंद्र झा से शिकायत दर्ज कराई है। साथ ही चौक थाने में एसडीएम के विरुद्ध तहरीर भी दी गई है। प्रशासन ने फिलहाल मामले की जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
बाउंसरों के साथ मौजूद थे एसडीएम
कैंट क्षेत्र के फुलवरिया निवासी बाबूलाल सोनकर और भदैनी के अनुज पांडे ने बताया कि वे नियमित रूप से मंदिर में दर्शन करने जाते हैं। उनका आरोप है कि रविवार को दर्शन के दौरान एसडीएम शंभू शरण करीब 10 बाउंसरों के साथ तैनात थे और श्रद्धालुओं से सख्ती के साथ पेश आ रहे थे। आरोप है कि धक्का-मुक्की की गई और अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया गया।
पीड़ितों ने जिला प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है और कहा है कि इस तरह की घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं।
दरोगा पर भी दुर्व्यवहार का आरोप
एक महिला श्रद्धालु ने मंदिर में तैनात दरोगा शुभम सिंह पर भी अनुचित आचरण का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि लाइन में लगे लोगों से कठोर भाषा में बात की गई और दर्शन रोकने की चेतावनी दी गई। इस घटना के बाद श्रद्धालुओं में नाराजगी देखी गई।
प्रशासन का पक्ष
मंदिर प्रशासन का कहना है कि कुछ लोगों ने पश्चिमी निकास द्वार पर अवरोध उत्पन्न कर रेलिंग पार कर गर्भगृह में प्रवेश करने का प्रयास किया, जिससे अव्यवस्था की स्थिति बनी। सुरक्षा में तैनात सीआरपीएफ जवानों ने उन्हें रोककर स्थिति नियंत्रित की। प्रशासन के अनुसार पूरी घटना की सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित है और जांच में तथ्यों के आधार पर निर्णय लिया जाएगा।
प्रशासन का कहना है कि भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा बनाए रखना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है।
महाशिवरात्रि पर दिखा वीआईपी कल्चर
महाशिवरात्रि के अवसर पर मंदिर में वीआईपी दर्शन को लेकर भी चर्चा रही। आरोप है कि न्यास से जुड़े कर्मचारी, अधिकारी, पुलिसकर्मी और विभिन्न विभागों के लोग अपने परिजनों के साथ विशेष प्रवेश से दर्शन करते दिखाई दिए। सत्ता पक्ष से जुड़े जनप्रतिनिधि, विधायक और मंत्री भी समर्थकों के साथ पहुंचे।
कई वीआईपी दर्शनार्थी मोबाइल फोन के साथ अंदर जाते और फोटो खिंचवाते नजर आए, जिससे आम श्रद्धालुओं में असंतोष की भावना देखने को मिली।
श्रद्धालुओं की मांग है कि मंदिर परिसर में समान व्यवस्था लागू हो और सभी के साथ सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित किया जाए।
कोलंबो। टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत ने पाकिस्तान को 61 रन से हराकर शानदार जीत दर्ज की। आर प्रेमदासा स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में टीम इंडिया ने पहले बल्लेबाजी …
कोलंबो। टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत ने पाकिस्तान को 61 रन से हराकर शानदार जीत दर्ज की। आर प्रेमदासा स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में टीम इंडिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 7 विकेट के नुकसान पर 175 रन बनाए। जवाब में पाकिस्तान की टीम 18 ओवर में 114 रन पर सिमट गई।
इशान किशन ने बदला मैच का रुख
भारत की शुरुआत अच्छी नहीं रही और अभिषेक शर्मा बिना खाता खोले आउट हो गए। इसके बाद इशान किशन ने आक्रामक अंदाज में पारी को संभाला। उन्होंने 40 गेंदों में 77 रन बनाए, जिसमें 10 चौके और 3 छक्के शामिल रहे। किशन ने मात्र 27 गेंदों में अर्धशतक पूरा कर मुकाबले की दिशा बदल दी।
मध्यक्रम में सूर्यकुमार यादव (32 रन), तिलक वर्मा (25 रन) और शिवम दुबे (27 रन) ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। हालांकि हार्दिक पांड्या और अक्षर पटेल ज्यादा देर तक क्रीज पर नहीं टिक सके।
पाकिस्तान की ओर से साइम अयूब ने तीन विकेट लिए, जबकि शाहीन अफरीदी और सलमान अली आगा को एक-एक सफलता मिली।
बुमराह और गेंदबाजों का कहर
176 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान की शुरुआत बेहद खराब रही। पहले ही ओवर में साहिबजादा फरहान शून्य पर आउट हो गए। इसके बाद जसप्रीत बुमराह ने साइम अयूब और कप्तान सलमान अली आगा को पवेलियन भेजकर मैच पर भारत की पकड़ मजबूत कर दी।
बाबर आज़म भी सिर्फ 5 रन बनाकर आउट हो गए। उस्मान खान ने 44 रन की संघर्षपूर्ण पारी खेली, लेकिन दूसरे छोर से लगातार विकेट गिरते रहे। कुलदीप यादव, अक्षर पटेल और बुमराह की सटीक गेंदबाजी के आगे पूरी पाकिस्तानी टीम 114 रन पर ऑलआउट हो गई।
इस जीत के साथ भारत ने सुपर-8 में अपनी जगह मजबूत कर ली और खिताब की दौड़ में अपनी दावेदारी और पुख्ता कर दी।
वाराणसी। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर वाराणसी एक बार फिर भक्ति, परंपरा और लोक संस्कृति के विराट दृश्य की साक्षी बनी। महामृत्युंजय मंदिर से मैदागिन, गोदौलिया होते हुए चितरंजन पार्क (डेढ़सी …
वाराणसी। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर वाराणसी एक बार फिर भक्ति, परंपरा और लोक संस्कृति के विराट दृश्य की साक्षी बनी। महामृत्युंजय मंदिर से मैदागिन, गोदौलिया होते हुए चितरंजन पार्क (डेढ़सी पुल) तक निकली भव्य शिव बारात ने पूरे शहर को शिवमय कर दिया। “हर-हर महादेव” के गगनभेदी जयघोष से वातावरण गुंजायमान हो उठा।
अलौकिक रूपों ने मोहा मन
शिव बारात में शामिल कलाकारों ने शिवगणों का अद्भुत स्वरूप धारण किया। गले में नरमुंडों की माला, शरीर पर भस्म, औघड़ वेशभूषा और दैत्य-राक्षसों के प्रतीकात्मक रूपों ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया। बंदर-भालू, सपेरे और मदारी की प्रस्तुतियों ने लोक उत्सव की छटा बिखेर दी। सड़कों के दोनों ओर और छतों पर खड़े हजारों लोगों ने इस अद्भुत दृश्य का आनंद लिया।
44 वर्षों से चली आ रही परंपरा
करीब 44 वर्षों से निरंतर आयोजित हो रही यह शिव बारात अब काशी का प्रमुख सांस्कृतिक उत्सव बन चुकी है। मान्यता है कि काशी विश्वनाथ मंदिर के अर्घ्य से सोने की चोरी और उसकी पुनर्प्राप्ति के बाद इस आयोजन की शुरुआत हुई थी। समय के साथ इसकी भव्यता और लोकप्रियता लगातार बढ़ती गई।
गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल
इस वर्ष शिव के दूल्हा स्वरूप में प्रख्यात नेत्र विशेषज्ञ डॉ. अनुराग टंडन नजर आए, जबकि शाहबाला की भूमिका में डॉ. रमेश दत्त पांडेय शामिल हुए। आयोजन में शहर के विभिन्न समुदायों की सहभागिता ने काशी की गंगा-जमुनी तहजीब को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया।
विशेष आकर्षण बनीं झांकियां
प्रसिद्ध अभिनेता संजय मिश्रा की मौजूदगी ने आयोजन की रौनक बढ़ा दी। इसके साथ ही बरसाने की लठमार होली की झांकी ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। रंग, संगीत और पारंपरिक प्रस्तुतियों ने शिव बारात को भक्ति और उत्सव का अनुपम संगम बना दिया।
महाशिवरात्रि पर निकली यह ऐतिहासिक शिव बारात न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि वाराणसी की सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकता का सशक्त उदाहरण भी है।
वाराणसी। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर काशी में श्रद्धा का अद्भुत नजारा देखने को मिला। दस लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए पहुंचे। भगवान विश्वनाथ को दूल्हे …
वाराणसी। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर काशी में श्रद्धा का अद्भुत नजारा देखने को मिला। दस लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए पहुंचे। भगवान विश्वनाथ को दूल्हे के स्वरूप में सजाया गया। तड़के सुबह 2:15 बजे मंगला आरती संपन्न हुई, जिसके बाद पंचामृत अभिषेक किया गया।
मोरपंख और रुद्राक्ष की मालाओं से सजे बाबा के दर्शन के बाद मंदिर के कपाट भक्तों के लिए खोल दिए गए। धाम परिसर में प्रवेश करते ही श्रद्धालुओं पर पुष्पवर्षा की गई। आसपास की गलियों में पांच किलोमीटर तक लंबी कतारें लगी रहीं। प्रत्येक श्रद्धालु को दर्शन के लिए कुछ ही सेकंड का समय मिल पा रहा है।
मंदिर प्रशासन के अनुसार धाम के द्वार लगातार 45 घंटे तक खुले रहेंगे। इस बार वीआईपी और वीवीआईपी प्रोटोकॉल को स्थगित कर दिया गया है, ताकि आम श्रद्धालुओं को प्राथमिकता मिल सके। व्यवस्थाएं इस प्रकार की गई हैं कि कतार में लगे भक्त लगभग 25 मिनट के भीतर गर्भगृह तक पहुंच सकें।
अमेरिका सहित 10 देशों से विदेशी श्रद्धालु भी काशी पहुंचे हैं। कैलिफोर्निया से आए भक्तों ने दर्शन के बाद स्वयं को सौभाग्यशाली बताया। रूस की मारियाना ने कहा कि यहां आकर उन्हें भगवान शिव की महिमा को समझने का अवसर मिला।
भारी भीड़ को देखते हुए शहर के अधिकांश होटल, लॉज और धर्मशालाएं पूरी तरह बुक हैं। सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। एटीएस कमांडो तैनात हैं और ड्रोन कैमरों से निगरानी की जा रही है।
इसी बीच प्रयागराज में महाशिवरात्रि के अवसर पर माघ मेले का अंतिम स्नान जारी है। प्रशासन का अनुमान है कि 15 से 20 लाख श्रद्धालु इस पवित्र स्नान में शामिल होंगे। लखनऊ और गोरखपुर समेत प्रदेश के विभिन्न शिव मंदिरों में भी भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है।
वाराणसी। महाशिवरात्रि से एक दिन पहले काशी का हृदय स्थल काशी विश्वनाथ धाम दुल्हन की तरह सज उठा। पूरे परिसर को रंग-बिरंगी रोशनी, फूलों की झालरों और आकर्षक विद्युत सज्जा से …
वाराणसी। महाशिवरात्रि से एक दिन पहले काशी का हृदय स्थल काशी विश्वनाथ धाम दुल्हन की तरह सज उठा। पूरे परिसर को रंग-बिरंगी रोशनी, फूलों की झालरों और आकर्षक विद्युत सज्जा से इस तरह संवारा गया है मानो कोई भव्य विवाह मंडप सजा हो। बाबा विश्वनाथ के दरबार में अलौकिक आभा बिखरी हुई है और श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर है।
धाम के मुख्य द्वार से लेकर गर्भगृह तक विशेष सजावट की गई है। मंदिर परिसर में गेंदे और गुलाब के फूलों से भव्य तोरण द्वार बनाए गए हैं। शाम ढलते ही लेजर लाइट और दीपों की जगमगाहट ने पूरे क्षेत्र को दिव्यता से भर दिया। दूर-दराज से आए श्रद्धालु इस अद्भुत दृश्य को अपने कैमरों में कैद करते नजर आए।
मंदिर प्रशासन के अनुसार महाशिवरात्रि पर लाखों भक्तों के पहुंचने की संभावना है। दर्शन व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए बैरिकेडिंग, अलग-अलग कतारें और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं।
श्रद्धालुओं का कहना है कि इस बार की सजावट पहले से अधिक भव्य और आकर्षक है। बाबा के दरबार में “हर-हर महादेव” के जयघोष से पूरा धाम गूंज रहा है। कई श्रद्धालु रात भर रुद्राभिषेक और विशेष पूजन की तैयारी में जुटे हैं।
महाशिवरात्रि के अवसर पर काशी में आस्था, उत्साह और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। सजे-धजे विश्वनाथ धाम की तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रही हैं, जो इस दिव्य आयोजन की भव्यता को बयां कर रही हैं।
वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ से संबद्ध महाविद्यालयों में अध्ययनरत एलएलबी और बीएएलएलबी के विद्यार्थियों की सेमेस्टर परीक्षाएं 17 फरवरी से आयोजित की जाएंगी। वाराणसी सहित पांच जिलों के 34 संबद्ध …
वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ से संबद्ध महाविद्यालयों में अध्ययनरत एलएलबी और बीएएलएलबी के विद्यार्थियों की सेमेस्टर परीक्षाएं 17 फरवरी से आयोजित की जाएंगी। वाराणसी सहित पांच जिलों के 34 संबद्ध कॉलेजों के छात्रों के लिए कुल 23 परीक्षा केंद्र निर्धारित किए गए हैं। परीक्षाएं 17 से 27 फरवरी तक संचालित होंगी।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार वाराणसी और चंदौली में मिलाकर 19 केंद्र बनाए गए हैं, जबकि भदोही, मिर्जापुर और सोनभद्र में चार केंद्र स्थापित किए गए हैं। वाराणसी में सर्वाधिक 13 तथा चंदौली में 6 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। मिर्जापुर में दो और भदोही व सोनभद्र में एक-एक केंद्र तय किया गया है।
पांचों जिलों में कुल 13 संकलन केंद्र भी निर्धारित किए गए हैं, जहां परीक्षा समाप्ति के बाद उत्तर पुस्तिकाएं जमा की जाएंगी।
परीक्षा नियंत्रक का बयान
परीक्षा नियंत्रक दीप्ति मिश्रा ने बताया कि परीक्षा केंद्रों और संकलन केंद्रों की सूची के साथ समय-सारिणी भी जारी कर दी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी केंद्रों को उत्तर पुस्तिकाएं संकलन केंद्रों से ही उपलब्ध कराई जाएंगी और परीक्षा समाप्ति के बाद केंद्राध्यक्षों को निर्धारित समय में वहीं कॉपियां जमा करनी होंगी।
वाराणसी। उत्तर प्रदेश में कोडीन मिश्रित कफ सिरप के कथित अवैध कारोबार के मामले में एसटीएफ ने वाराणसी से अमित यादव को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार वह शुभम जायसवाल …
वाराणसी। उत्तर प्रदेश में कोडीन मिश्रित कफ सिरप के कथित अवैध कारोबार के मामले में एसटीएफ ने वाराणसी से अमित यादव को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार वह शुभम जायसवाल से जुड़े नेटवर्क का हिस्सा बताया जा रहा है।
आरोपी अमित यादव
एसटीएफ टीम ने उसे हिरासत में लेकर वाहन से पुलिस लाइन पहुंचाया, जहां प्रारंभिक पूछताछ की गई। इसके बाद कड़ी सुरक्षा के बीच स्कॉर्पियो वाहनों के काफिले से उसे लखनऊ रवाना किया गया। अधिकारियों के मुताबिक, अमित यादव के खिलाफ वाराणसी में तीन और लखनऊ में एक मुकदमा दर्ज है।
इस प्रकरण का उल्लेख मुख्यमंत्री ने दिसंबर 2025 में विधानसभा में किया था। उस दौरान एक तस्वीर भी प्रदर्शित की गई थी, जिसमें अमित यादव सपा प्रमुख के साथ दिखाई दे रहा था। इसके बाद से वह फरार बताया जा रहा था और एसटीएफ उसकी तलाश में जुटी थी।
कैसे हुआ खुलासा
एसटीएफ को सूचना मिली थी कि कोडीन युक्त फेंसिडिल कफ सिरप समेत अन्य दवाओं का अवैध भंडारण और सप्लाई की जा रही है। इन दवाओं को नशे के रूप में इस्तेमाल करने के लिए उत्तर प्रदेश सहित उत्तराखंड, बिहार, झारखंड, असम, पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश तक भेजे जाने की बात सामने आई थी।
शासन के निर्देश पर एसटीएफ और खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की संयुक्त टीम गठित की गई। जांच के दौरान भारी मात्रा में अवैध कफ सिरप बरामद किया गया। इस संबंध में थाना सुशांत गोल्फ सिटी, कमिश्नरेट लखनऊ में मुकदमा संख्या 182/2024 के तहत विभिन्न धाराओं और एनडीपीएस एक्ट में केस दर्ज है।
पहले भी हुईं गिरफ्तारियां
इस मामले में एसटीएफ पहले ही विभोर राणा, विशाल सिंह, अमित कुमार सिंह उर्फ टाटा और आलोक कुमार सिंह को गिरफ्तार कर चुकी है। आगे की जांच के आधार पर काशीधाम के पास रिंग रोड क्षेत्र से अमित कुमार यादव को पकड़ा गया।
पूछताछ में खुलासा
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह हरिश्चंद्र स्नातकोत्तर कॉलेज, वाराणसी में छात्रसंघ अध्यक्ष रह चुका है और समाजवादी पार्टी की युवा सभा में प्रदेश स्तर पर पद संभाल चुका है। कॉलेज चुनाव के दौरान उसकी पहचान शुभम जायसवाल से हुई थी।
बताया गया कि शुभम के पिता की ‘शैली ट्रेडर्स’ नामक फर्म रांची (झारखंड) से फेंसिडिल कफ सिरप का कारोबार संचालित करती थी, जिसका नेटवर्क वाराणसी तक फैला था।
आरोपी के अनुसार, उसने अपनी फर्म ‘जीएल सर्जिकल्स’ (सप्तसागर दवा मंडी, कोतवाली, वाराणसी) के माध्यम से करीब एक लाख बोतलें खरीदीं। बाद में कागजों में अन्य फर्मों को बिक्री दर्शाकर इन्हें ऊंचे दामों पर आगे सप्लाई किया जाता था।
आगे की कार्रवाई
फिलहाल एसटीएफ आरोपी से विस्तृत पूछताछ कर रही है। उसे न्यायालय में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मामला पहले से दर्ज मुकदमा संख्या 182/2024 से संबंधित है।
आपराधिक पृष्ठभूमि
अमित यादव के खिलाफ वाराणसी के विभिन्न थानों में मारपीट, हत्या के प्रयास और धोखाधड़ी से जुड़े मामले दर्ज बताए गए हैं।
एसटीएफ की इस कार्रवाई को अंतरराज्यीय नशा तस्करी नेटवर्क के खिलाफ महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।