• Banaras Now, Varanasi
  • April 20, 2026

वाराणसी। उत्तर प्रदेश में कोडीन मिश्रित कफ सिरप के कथित अवैध कारोबार के मामले में एसटीएफ ने वाराणसी से अमित यादव को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार वह शुभम जायसवाल से जुड़े नेटवर्क का हिस्सा बताया जा रहा है।

आरोपी अमित यादव

एसटीएफ टीम ने उसे हिरासत में लेकर वाहन से पुलिस लाइन पहुंचाया, जहां प्रारंभिक पूछताछ की गई। इसके बाद कड़ी सुरक्षा के बीच स्कॉर्पियो वाहनों के काफिले से उसे लखनऊ रवाना किया गया। अधिकारियों के मुताबिक, अमित यादव के खिलाफ वाराणसी में तीन और लखनऊ में एक मुकदमा दर्ज है।

इस प्रकरण का उल्लेख मुख्यमंत्री ने दिसंबर 2025 में विधानसभा में किया था। उस दौरान एक तस्वीर भी प्रदर्शित की गई थी, जिसमें अमित यादव सपा प्रमुख के साथ दिखाई दे रहा था। इसके बाद से वह फरार बताया जा रहा था और एसटीएफ उसकी तलाश में जुटी थी।

कैसे हुआ खुलासा

एसटीएफ को सूचना मिली थी कि कोडीन युक्त फेंसिडिल कफ सिरप समेत अन्य दवाओं का अवैध भंडारण और सप्लाई की जा रही है। इन दवाओं को नशे के रूप में इस्तेमाल करने के लिए उत्तर प्रदेश सहित उत्तराखंड, बिहार, झारखंड, असम, पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश तक भेजे जाने की बात सामने आई थी।

शासन के निर्देश पर एसटीएफ और खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की संयुक्त टीम गठित की गई। जांच के दौरान भारी मात्रा में अवैध कफ सिरप बरामद किया गया। इस संबंध में थाना सुशांत गोल्फ सिटी, कमिश्नरेट लखनऊ में मुकदमा संख्या 182/2024 के तहत विभिन्न धाराओं और एनडीपीएस एक्ट में केस दर्ज है।

पहले भी हुईं गिरफ्तारियां

इस मामले में एसटीएफ पहले ही विभोर राणा, विशाल सिंह, अमित कुमार सिंह उर्फ टाटा और आलोक कुमार सिंह को गिरफ्तार कर चुकी है। आगे की जांच के आधार पर काशीधाम के पास रिंग रोड क्षेत्र से अमित कुमार यादव को पकड़ा गया।

पूछताछ में खुलासा

पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह हरिश्चंद्र स्नातकोत्तर कॉलेज, वाराणसी में छात्रसंघ अध्यक्ष रह चुका है और समाजवादी पार्टी की युवा सभा में प्रदेश स्तर पर पद संभाल चुका है। कॉलेज चुनाव के दौरान उसकी पहचान शुभम जायसवाल से हुई थी।

बताया गया कि शुभम के पिता की ‘शैली ट्रेडर्स’ नामक फर्म रांची (झारखंड) से फेंसिडिल कफ सिरप का कारोबार संचालित करती थी, जिसका नेटवर्क वाराणसी तक फैला था।

आरोपी के अनुसार, उसने अपनी फर्म ‘जीएल सर्जिकल्स’ (सप्तसागर दवा मंडी, कोतवाली, वाराणसी) के माध्यम से करीब एक लाख बोतलें खरीदीं। बाद में कागजों में अन्य फर्मों को बिक्री दर्शाकर इन्हें ऊंचे दामों पर आगे सप्लाई किया जाता था।

आगे की कार्रवाई

फिलहाल एसटीएफ आरोपी से विस्तृत पूछताछ कर रही है। उसे न्यायालय में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मामला पहले से दर्ज मुकदमा संख्या 182/2024 से संबंधित है।

आपराधिक पृष्ठभूमि

अमित यादव के खिलाफ वाराणसी के विभिन्न थानों में मारपीट, हत्या के प्रयास और धोखाधड़ी से जुड़े मामले दर्ज बताए गए हैं।

एसटीएफ की इस कार्रवाई को अंतरराज्यीय नशा तस्करी नेटवर्क के खिलाफ महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।

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