लखनऊ/वाराणसी। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में काशी कॉरिडोर के जरिए काशी का व्यापक कायाकल्प हुआ है और विकास की एक नई गाथा लिखी गई है। उन्होंने कहा कि काशी और अयोध्या के बाद अब मथुरा-वृंदावन भी उत्तर प्रदेश के आध्यात्मिक विकास त्रिकोण के सशक्त केंद्र के रूप में तेजी से उभर रहे हैं, जहां संस्कृति, आस्था और विरासत की नई चेतना प्रदेश की पहचान को और मजबूत कर रही है।

वाराणसी में तीन दिवसीय पिंडरा महोत्सव के उद्घाटन अवसर पर मंत्री जयवीर सिंह ने आयोजकों और क्षेत्रवासियों को बधाई देते हुए कहा कि यह महोत्सव केवल मनोरंजन का आयोजन नहीं, बल्कि प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर, आध्यात्मिक चेतना और ऐतिहासिक परंपराओं के संरक्षण का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने बताया कि पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के प्रयासों से आज प्रदेश के प्रत्येक जिले में ऐसे आयोजन हो रहे हैं, जो उत्तर प्रदेश को सांस्कृतिक रूप से नई ऊंचाइयों पर ले जा रहे हैं।

मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार संस्कृति, परंपरा और भारतीय मूल्यों के संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने काशी को मोक्षदायिनी भूमि बताते हुए कहा कि काशी कॉरिडोर परियोजना ने शहर को नई पहचान दी है। वहीं, अयोध्या में 500 वर्षों के बाद भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर का निर्माण देश के लिए गर्व का विषय है।

जयवीर सिंह ने कहा कि ‘हर-हर महादेव’ से लेकर ‘राधे-राधे’ तक, पूरे प्रदेश में आध्यात्मिक वातावरण और मजबूत हुआ है। चाहे काशी हो, अयोध्या हो, मथुरा-वृंदावन हो या अन्य तीर्थ स्थल, हर जगह पर्यटन सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। विधायक डॉ. अवधेश सिंह सहित जनप्रतिनिधियों के प्रस्ताव पर पिंडरा क्षेत्र के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण कार्य स्वीकृत किए गए हैं।

पिंडरा महोत्सव में भोजपुरी सितारों की धूम
वाराणसी के पिंडरा क्षेत्र में 30 जनवरी से 1 फरवरी तक नेशनल इंटर कॉलेज मैदान में आयोजित हो रहा तीन दिवसीय पिंडरा महोत्सव कला, संस्कृति और विकास का संगम प्रस्तुत कर रहा है। महोत्सव में सांसद मनोज तिवारी और अभिनेता दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’ ने अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों को खूब मनोरंजन किया। साथ ही स्थानीय कलाकारों को भी मंच दिया गया है।

महोत्सव की शुरुआत सांस्कृतिक कार्यक्रमों से हुई, जिसमें विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। बच्चों के लिए खेलकूद और शैक्षणिक प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं। कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों के स्टॉल्स के माध्यम से सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जा रही है, जबकि महिलाओं और दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण से जुड़े कार्यक्रम भी विशेष आकर्षण बने हुए हैं।
