वाराणसी। गंगा नदी में नाव संचालन के दौरान बढ़ती असावधानियों को देखते हुए जिला प्रशासन ने कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अब गतिमान नाव पर सवार यात्री न तो सेल्फी ले सकेंगे और न ही वीडियो रील बना पाएंगे। आदेश का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित नाविक और नाव स्वामी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जारी निर्देशों के मुताबिक, नाव में निर्धारित क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। नियमों की अनदेखी करने पर अधिकतम 10,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके अतिरिक्त, दोनों धाराओं में संचालित नावों पर यात्रियों के खड़े होने या एक स्थान से दूसरे स्थान पर घूमने पर भी रोक रहेगी।
जल पुलिस प्रभारी ने जानकारी दी कि गंगा में चलने वाली प्रत्येक नाव पर पर्याप्त संख्या में लाइफ जैकेट उपलब्ध होना अनिवार्य है और यात्रियों के लिए उसे पहनना भी आवश्यक किया गया है। नाव संचालन केवल चिन्हित घाटों से ही किया जाएगा। बिना पंजीकरण किसी भी नाव को संचालित करने की अनुमति नहीं होगी।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि ओवरलोडिंग किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं होगी। साथ ही, शराब या अन्य मादक पदार्थों के सेवन की अवस्था में नाव चलाने पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों के लाइसेंस निरस्त करने तक की चेतावनी दी गई है।
