वाराणसी: वरिष्ठ अधिवक्ता श्रीनाथ त्रिपाठी को कचहरी परिसर को बम से उड़ाने की धमकी देने वाले युवक को पुलिस ने शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया। वाराणसी पुलिस की सर्विलांस सेल ने मोबाइल नंबर ट्रैक कर महज 20 घंटे के भीतर जंसा थाना क्षेत्र के रेसीपुर गांव से आरोपी को हिरासत में ले लिया।
गिरफ्तार युवक की पहचान अजीत कुमार सरोज, निवासी रेसीपुर, सत्तानपुर (थाना जंसा) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार वह विधि (लॉ) का छात्र है और शहर में एक अधिवक्ता के साथ कार्य करता है।
देर रात आया था धमकी भरा संदेश
अधिवक्ता श्रीनाथ त्रिपाठी के मोबाइल पर गुरुवार रात 2:23 बजे एक अज्ञात नंबर से संदेश प्राप्त हुआ। संदेश में लिखा था कि “बनारस कचहरी को बम से उड़ा देंगे, तुम्हें भी नहीं छोड़ेंगे।”

त्रिपाठी ने बताया कि सुबह मोबाइल देखने पर उन्हें यह संदेश मिला, जिसके बाद उन्होंने तुरंत पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी और कचहरी पहुंचे। सुबह लगभग 11 बजे पुलिस अधिकारियों ने उनसे मुलाकात कर शीघ्र कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
सर्विलांस से पकड़ा गया आरोपी
भेलूपुर थाना प्रभारी ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सर्विलांस टीम की मदद ली गई। जांच में मोबाइल नंबर जंसा क्षेत्र का निकला। इसके बाद एसओजी और स्थानीय पुलिस टीम ने संयुक्त कार्रवाई कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने अपने पड़ोसी को फंसाने की नीयत से यह धमकी भरा मैसेज भेजा था। जांच में यह भी सामने आया कि उसका एक युवती से संबंध था। परिवार के विरोध और विवाद के बाद उसने युवती के मोबाइल सिम का उपयोग कर यह संदेश भेजा, ताकि उसके परिजनों को कानूनी झंझट में डाला जा सके।
जिला जज को दी गई सूचना
घटना के बाद श्रीनाथ त्रिपाठी ने जिला जज को पत्र लिखकर पूरे मामले से अवगत कराया। एसीपी और कैंट थाना प्रभारी ने भी मामले की जानकारी ली। एसीपी भेलूपुर ने बताया कि आरोपी से विस्तृत पूछताछ जारी है और आगे की कानूनी प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
पहले भी मिल चुकी हैं धमकियां
गौरतलब है कि फरवरी महीने में कचहरी को उड़ाने की धमकियों के कई मामले सामने आ चुके हैं। पिछले दो हफ्तों में चार बार धमकी दी जा चुकी है, जिनमें से तीन बार जिला जज के ईमेल पर संदेश भेजे गए थे। आईटी सेल संबंधित ईमेल आईडी की जांच में जुटी है।
पुलिस ने कचहरी परिसर की सुरक्षा बढ़ा दी है और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
