वाराणसी। बनारस का मौसम इन दिनों पहेली बना हुआ है। एक ही दिन में तीन से चार ऋतुओं जैसा अनुभव काशीवासियों को हो रहा है। सुबह धुंध और कोहरा, दोपहर में चुभने वाली धूप, शाम को उमस भरी गर्मी और रात में हल्की ठंडक का एहसास लोगों को हैरान कर रहा है। मौसम के इस बदलते मिजाज ने आम लोगों के साथ-साथ मौसम वैज्ञानिकों को भी चौंका दिया है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मार्च महीने में इस तरह का मौसम दुर्लभ होता है, लेकिन अनुकूल परिस्थितियों में ऐसा होना असंभव भी नहीं है। इससे पहले वर्ष 2008 में भी ऐसी स्थिति देखी गई थी। वैज्ञानिकों ने लोगों को सलाह दी है कि कोहरे और धुंध से जुड़ी मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करें।

इस बीच मंगलवार को वाराणसी में रात के तापमान ने पांच साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। न्यूनतम तापमान सामान्य से 9.3 डिग्री अधिक होकर 24.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि अधिकतम तापमान सामान्य से 1.3 डिग्री अधिक 32.4 डिग्री सेल्सियस रहा। इससे पहले मार्च महीने में इतनी अधिक रात का तापमान वर्ष 2021 में दर्ज किया गया था।
वहीं, पिछले तीन से चार दिनों में शहर का प्रदूषण स्तर भी बढ़ गया है। वाराणसी का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 44 अंक बढ़कर 104 तक पहुंच गया। शहर में सबसे खराब हवा बीएचयू क्षेत्र में दर्ज की गई, जहां AQI 143 रहा। इसके अलावा अर्दली बाजार में 124, मलदहिया में 81 और भेलूपुर में 68 AQI दर्ज किया गया।
यूपी आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अतुल कुमार सिंह के अनुसार पछुआ हवा बंद हो गई है और वेंटिलेशन कम हो गया है। इसके कारण दिन में बनी गर्मी रात में बाहर नहीं निकल पा रही है, जिससे रात का तापमान तेजी से बढ़ रहा है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में फिलहाल कोई सक्रिय मौसम तंत्र नहीं है, लेकिन हवा में नमी बढ़ने की वजह से धुंध की स्थिति बन रही है। आने वाले चार से पांच दिनों तक मौसम मुख्यतः शुष्क बना रह सकता है। हालांकि 15 मार्च के आसपास पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से पूर्वांचल के कुछ हिस्सों में इस सीजन की पहली बारिश होने की संभावना है। इससे तापमान में गिरावट भी आ सकती है।
