लखनऊ: उत्तर प्रदेश में आयोजित उपनिरीक्षक (दरोगा) भर्ती परीक्षा के एक विवादित प्रश्न को लेकर प्रदेश में चर्चा तेज हो गई है। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने जांच के आदेश दिए हैं। जांच के बाद प्रश्नपत्र तैयार करने वाली कंपनी को ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है और दोषियों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज हो सकती है।
बताया जा रहा है कि परीक्षा के पहले दिन पहली पाली में सामान्य हिंदी के सेक्शन में एक प्रश्न पूछा गया था—“अवसर पर बदल जाने वाले के लिए एक शब्द लिखिए।” इसके विकल्पों में पंडित, अवसरवादी, निष्कपट और सदाचारी दिए गए थे। परीक्षा के बाद यह प्रश्नपत्र सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और ‘पंडित’ शब्द को विकल्प में शामिल किए जाने पर विरोध शुरू हो गया।

ब्राह्मण समाज के कई संगठनों ने इस पर नाराजगी जताई है। वहीं प्रदेश सरकार ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए इसकी जांच कराने का निर्णय लिया है। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि प्रश्नपत्र किस कंपनी ने तैयार किया और इस प्रश्न में ऐसा विकल्प क्यों दिया गया। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि यह लापरवाही थी या इसके पीछे कोई साजिश।
प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक समेत भाजपा के कई विधायकों और नेताओं ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इस मामले में कार्रवाई की मांग की है। उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने भी कहा है कि किसी भी जाति, वर्ग या परंपरा से जुड़े शब्दों का इस तरह प्रयोग करना अनुचित और आपत्तिजनक है। उन्होंने दोषियों की पहचान कर कड़ी कार्रवाई करने की बात कही है।
कानपुर की बिठूर सीट से भाजपा विधायक अभिजीत सिंह सांगा ने भी वीडियो जारी कर इस प्रश्न पर आपत्ति जताई है और कहा है कि समाज में जातिगत भेदभाव फैलाने वाले ऐसे प्रयासों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
इस मामले पर प्रसिद्ध गीतकार मनोज मुंतशिर ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि प्रश्नपत्र तैयार करने वालों के खिलाफ सरकार को तत्काल सख्त कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि समाज में गलत संदेश न जाए।
फिलहाल पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा पूरे मामले की जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
