• Banaras Now, Varanasi
  • April 20, 2026

वाराणसी, 30 मार्च। जिले में सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार की अध्यक्षता में आयोजित जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इसमें बार-बार यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों के खिलाफ ड्राइविंग लाइसेंस निलंबन और गंभीर मामलों में निरस्तीकरण तक की कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

बार-बार नियम तोड़ने वालों पर कड़ी कार्रवाई

जिलाधिकारी ने परिवहन विभाग को निर्देशित किया कि नियमों का लगातार उल्लंघन करने वाले चालकों के लाइसेंस निलंबित किए जाएं। गंभीर मामलों में लाइसेंस रद्द करने के साथ ही संबंधित वाहनों के रजिस्ट्रेशन प्रमाणपत्र (RC) को भी निलंबित किया जाएगा।

बिना पार्किंग वाले मैरिज हॉल होंगे सीज

बैठक में यह भी तय किया गया कि बिना पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था के संचालित हो रहे विवाह भवनों की पहचान कर उन्हें सीज किया जाएगा। ऐसे भवनों के लाइसेंस निरस्त करने की भी कार्रवाई होगी, क्योंकि ये सड़क हादसों का कारण बन रहे हैं।

दुर्घटना स्थलों पर 5 मिनट में पहुंचे एंबुलेंस

सड़क दुर्घटनाओं के बाद त्वरित इलाज सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारी ने NHAI और PWD को निर्देश दिए कि प्रमुख दुर्घटना संभावित मार्गों के पास स्थित अस्पतालों की सूची तैयार की जाए। इसी आधार पर एंबुलेंस की तैनाती की जाएगी, ताकि दुर्घटना स्थल पर 5 मिनट के भीतर मदद पहुंच सके। डायल-100 पीआरवी वाहनों में भी नजदीकी अस्पतालों की सूची रखने के निर्देश दिए गए हैं।

पेट्रोल पंपों और सर्विस लेन पर सख्ती

IRAD के आंकड़ों के आधार पर समीक्षा में सामने आया कि अधिकांश दुर्घटनाएं पेट्रोल पंप, ढाबों, चौराहों और सर्विस लेन के आसपास हो रही हैं। इस पर जिलाधिकारी ने बिना उचित सर्विस लेन के संचालित पेट्रोल पंपों और CNG स्टेशनों पर नाराजगी जताते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए।

नाबालिग ड्राइविंग पर सख्त निर्देश

नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने की बढ़ती घटनाओं पर चिंता जताते हुए जिलाधिकारी ने पुलिस को निर्देश दिया कि ऐसे मामलों में अभिभावकों पर भारी जुर्माना लगाया जाए और जरूरत पड़ने पर एफआईआर भी दर्ज की जाए।

स्कूल वाहनों की जांच अनिवार्य

विद्यालयों में चलने वाले वाहनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्पीड गवर्नर, ट्रैकिंग डिवाइस और सीट बेल्ट जैसी सुविधाओं की जांच अनिवार्य की गई है। साथ ही सभी स्कूल वाहनों की सूची तैयार कर 100% अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

बैठक में अपर जिलाधिकारी (नगर), ट्रैफिक पुलिस, परिवहन विभाग समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन का कहना है कि इन कदमों से सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाया जाएगा और दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकेगी।

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