वाराणसी। कोडीनयुक्त कफ सिरप के अवैध कारोबार से जुड़े एक और मामले में प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। फर्जी बिलिंग के जरिए इस धंधे को संचालित करने के आरोपी विजय गुप्ता के घर को कुर्क कर लिया गया। शुक्रवार दोपहर एसआईटी टीम और सोनभद्र पुलिस संयुक्त रूप से वाराणसी के कबीरचौरा क्षेत्र पहुंची और कार्रवाई को अंजाम दिया।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने घर में मौजूद वॉशिंग मशीन, आरओ, पंखे समेत अन्य घरेलू सामान जब्त कर लिया और अपने साथ ले गई। अधिकारियों के मुताबिक, विजय गुप्ता लंबे समय से फरार चल रहा था और उसे सरेंडर करने के लिए करीब डेढ़ महीने का समय भी दिया गया था, लेकिन वह सामने नहीं आया।
जांच में सामने आया है कि विजय गुप्ता और उसका भाई सत्यम गुप्ता कोडीनयुक्त कफ सिरप के नेटवर्क से जुड़े हुए थे। दोनों ‘शिविक्षा फार्मा’ और ‘मां कृपा मेडिकल’ नाम से फर्म चलाते थे, जिनका रजिस्ट्रेशन जनवरी 2024 में सोनभद्र में कराया गया था। आरोप है कि ये फर्म सिर्फ कागजी लेन-देन के जरिए फर्जी बिलिंग करती थीं, जबकि असल माल का वितरण किसी और के जरिए होता था।
एसआईटी के विवेचक प्रणय प्रसून श्रीवास्तव के अनुसार, विजय गुप्ता केवल कागजों पर बिल तैयार करता था और वास्तविक सप्लाई में उसकी सीधी भूमिका नहीं थी। इस पूरे नेटवर्क में मुख्य रूप से शुभम जायसवाल माल की खपत करता था, जिसका इस्तेमाल नशे के लिए किया जाता था।
इस मामले में सत्यम गुप्ता को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, जबकि विजय गुप्ता की तलाश जारी है। शुक्रवार को राबर्ट्सगंज थाने के इंस्पेक्टर अरविंद सिंह की मौजूदगी में कुर्की की यह कार्रवाई पूरी की गई।
