• Banaras Now, Varanasi
  • April 22, 2026

वाराणसी: में इस बार गर्मी ने सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। सुबह 7 बजे के बाद ही तेज धूप लोगों को झुलसाने लगती है और तापमान तेजी से बढ़ते हुए 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जा रहा है। हालात ऐसे हैं कि घाटों और सड़कों पर सुबह 9 बजे तक ही सन्नाटा पसरा नजर आ रहा है।

46 डिग्री तक जा सकता है पारा

काशी हिंदू विश्वविद्यालय स्थित मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ सकता है। अनुमान है कि 25 और 26 अप्रैल को अधिकतम तापमान 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। इससे पहले अप्रैल 2019 में 45.3 डिग्री तापमान दर्ज किया गया था, जो पिछले डेढ़ दशक का रिकॉर्ड था। तेज धूप और लू के कारण शहर की रफ्तार धीमी पड़ गई है। सुबह के समय ही सड़कें खाली नजर आ रही हैं और लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। कॉलेज जाने वाली छात्राएं भी धूप से बचने के लिए दुपट्टा और अन्य साधनों का सहारा लेती दिख रही हैं।

मंदिरों में भगवान के लिए कूलर और AC

भीषण गर्मी का असर मंदिरों में भी देखने को मिल रहा है। लोहटिया स्थित राम-जानकी मंदिर के पुजारी देवेंद्र नाथ चौबे के अनुसार, इस बार गर्मी से बचाव के लिए भगवान के लिए कूलर लगाए गए हैं। साथ ही उन्हें सूती वस्त्र पहनाए जा रहे हैं और मौसमी फल का भोग लगाया जा रहा है।

बाबा विश्वनाथ का जलधारा से अभिषेक

काशी विश्वनाथ मंदिर में भी गर्मी को देखते हुए विशेष इंतजाम किए गए हैं। यहां बाबा विश्वनाथ का गंगाजल से लगातार जलाभिषेक किया जा रहा है। गर्भगृह में जलधारा (फव्वारा) लगाई गई है, जिससे निरंतर जल प्रवाहित कर भगवान को ठंडक पहुंचाई जा रही है। मंदिर के अर्चकों के अनुसार, अक्षय तृतीया से शुरू होकर सावन पूर्णिमा तक यह परंपरा निभाई जाती है। दोपहर की आरती के बाद विशेष रूप से जलधारा के माध्यम से अभिषेक किया जाता है।

आस्था और परंपरा का अनोखा संगम

हालांकि मान्यता है कि भगवान पर मौसम का कोई प्रभाव नहीं पड़ता, लेकिन काशी में भक्त अपनी श्रद्धा और प्रेम के चलते मौसम के अनुसार भगवान के लिए विशेष व्यवस्थाएं करते हैं। यह परंपरा आस्था और भावनाओं की गहराई को दर्शाती है। भीषण गर्मी के बीच वाराणसी में यह नजारा जहां एक ओर मौसम की चुनौती को दिखाता है, वहीं दूसरी ओर भक्ति और परंपरा की अनूठी मिसाल भी पेश करता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *