• Banaras Now, Varanasi
  • May 30, 2026

हरदोई/उत्तर प्रदेश। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार, 29 अप्रैल 2026 को हरदोई में उत्तर प्रदेश के सबसे लंबे गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया। मेरठ से प्रयागराज तक फैला यह करीब 594 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे प्रदेश की कनेक्टिविटी को नई रफ्तार देगा। इसके शुरू होने के बाद अब यह दूरी महज लगभग 6 घंटे में तय की जा सकेगी, जबकि पहले इसमें 10 से 12 घंटे लगते थे।

उद्घाटन समारोह में प्रधानमंत्री ने कहा कि यह एक्सप्रेसवे केवल सड़क परियोजना नहीं, बल्कि विकास, आस्था और अर्थव्यवस्था को जोड़ने वाला मार्ग है। उन्होंने कहा कि अब लोग कम समय में प्रयागराज जाकर संगम में स्नान कर सकते हैं और काशी विश्वनाथ के दर्शन कर उसी दिन लौट सकते हैं।

सीएम योगी ने बताया विकास का प्रतीक

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे “संस्कृति, समृद्धि और रोजगार का एक्सप्रेसवे” बताया। उन्होंने कहा कि यह परियोजना प्रदेश में निवेश बढ़ाने के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगी और उत्तर प्रदेश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगी।

12 जिलों को जोड़ेगा हाई-स्पीड कॉरिडोर

गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज सहित 12 जिलों से होकर गुजरता है। इससे पश्चिमी, मध्य और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी और 500 से अधिक गांवों को सीधा लाभ मिलेगा।

अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस

इस एक्सप्रेसवे को आधुनिक तकनीकों से लैस किया गया है। पूरे मार्ग पर सीसीटीवी कैमरे, इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम, इमरजेंसी कॉल बॉक्स और एंबुलेंस सेवाएं उपलब्ध रहेंगी। शाहजहांपुर के पास लगभग 3.2 किलोमीटर लंबी एयरस्ट्रिप भी बनाई गई है, जहां आपात स्थिति में वायुसेना के विमान उतर सकते हैं।

डिजिटल और सुरक्षित सफर

एक्सप्रेसवे पर क्लोज्ड टोलिंग सिस्टम लागू किया गया है, जिसमें वाहन की एंट्री और एग्जिट के आधार पर टोल वसूला जाएगा। दोपहिया और चारपहिया वाहनों के लिए अलग-अलग दरें निर्धारित की गई हैं। साथ ही 5जी कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क और यूटिलिटी कॉरिडोर भी तैयार किया गया है।

आर्थिक विकास को मिलेगा बढ़ावा

गंगा एक्सप्रेसवे को एक बड़े आर्थिक कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जा रहा है। इससे लॉजिस्टिक्स लागत कम होगी, सप्लाई चेन मजबूत होगी और उद्योगों को नई गति मिलेगी। किसानों को भी अपने उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुंचाने में आसानी होगी, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी।

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