वाराणसी | वाराणसी के फूलपुर क्षेत्र में चर्चित मनीष सिंह हत्याकांड में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो फरार इनामी आरोपियों को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार 50-50 हजार रुपये के इनामी बदमाश आशीष राजभर और मनीष राजभर देर रात पुलिस टीम से मुठभेड़ में घायल हो गए। दोनों आरोपियों ने पुलिस पर फायरिंग कर भागने की कोशिश की, जिसके जवाब में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उनके पैर में गोली मार दी। घायल अवस्था में दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
यह मामला 26 अप्रैल को सामने आया था, जब फूलपुर थाना क्षेत्र के घमहापुर गांव में एक सड़क हादसे के बाद व्यापारी मनीष सिंह की भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। जानकारी के अनुसार मनीष सिंह अपनी फैक्ट्री से घर लौट रहे थे, तभी रास्ते में एक महिला को उनकी कार से टक्कर लग गई। हादसे के बाद मनीष ने महिला को अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन मौके पर जुटे लोगों ने उन पर ही हमला कर दिया और बुरी तरह मारपीट की, जिससे उनकी मौत हो गई।
इस घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया था और पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए कई आरोपियों को गिरफ्तार किया। अब तक इस मामले में 9 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि अन्य फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस ने पहले फरार आरोपियों पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था, जिसे बढ़ाकर 50-50 हजार रुपये कर दिया गया था।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक मुठभेड़ के दौरान पकड़े गए दोनों आरोपी इसी मामले में वांछित थे और लंबे समय से फरार चल रहे थे। दोनों के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले भी दर्ज हैं। पुलिस का कहना है कि बाकी बचे आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।
घटना के बाद गांव में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस और पीएसी की तैनाती के साथ लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके।
मनीष सिंह की हत्या के बाद उनके परिवार में शोक का माहौल है। वे अपने पीछे पत्नी और तीन छोटे बच्चों को छोड़ गए हैं। इस मामले ने न सिर्फ इलाके में बल्कि पूरे शहर में कानून-व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज कर दी है।
